कौशल विकास गढ़ रहा नया भारत : हुनर के साथ मिल रहा रोजगार, 3.57 करोड़ युवाओं को मिला प्रशिक्षण
लखनऊ, अमृत विचार : कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) युवाओं को हुनरमंद (Skilled) बनाने का मिशन चला रहा है। स्किल इंडिया मिशन (सिम) के अंतर्गत देशभर में कौशल विकास प्रशिक्षण विशाल नेटवर्क खड़ा किया। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), जन शिक्षण संस्थान (JSS), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS) और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के 85,111 केंद्रों पर प्रशिक्षण की मुहिम जारी है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के प्रारंभ से लेकर बाकी स्कीम्स के जरिये 31 दिसंबर 2025 तक 3.57 करोड़ से ज्यादा युवक-युवतियों को विभिन्न विषयों में प्रशिक्षित किया जा चुका है।
केंद्र सरकार में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के मंत्री-स्वतंत्र प्रभार जयंत चौधरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में ये जानकारी साझा की है।
कौशल विकास योजनाओं का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि, नीति आयोग ने 2020 में पीएमकेवीआई योजना का मूल्यांकन किया था। सर्वेक्षण में 94 फीसदी नियोक्ताओं (कंपनियों) ने कहा कि जॉब के लिए वे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षित युवाओं को प्राथमिकता देंगे। इतना ही नहीं प्रशिक्षित युवाओं को वेतमान भी सामान्य अभ्यर्थियों की अपेक्षा अधिक देने का तथ्य सामने आया है। जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) के मूल्यांकन में सामने आया कि प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं के परिवार की आमदनी दोगनी होने में मदद मिली।
राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (एनएपीएस) का 2021 में मूल्यांकन किया गया। अध्ययन में पाया गया कि प्रशिक्षण हासिल करने वाले युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ी है।
एआई और रोबोटिक्स पर जोर
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तीसरे और चौथे चरण में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), रोबोटिक्स, ड्रोन और नई पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित विशेष शॉर्ट और शानदार मॉड्यूल पेश किए गए। उद्योगों की जरूरत और डिजिटल बदलाव को गति देने के अलावा भविष्य के लिए वर्कफोर्स तैयार करने का मकसद है।
देश में संचालित प्रशिक्षण केंद्र
-प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना : 1,64,34,210
-जेएसएस : 34,14,181
-एनएपीएस : 47,17,790
-सीटीएस प्लस आईटीआई : 10,742,151 यह भी पढ़ें : लखनऊ : संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार घोषित, 54 कलाकार होंगे सम्मानित
