वित्त वर्ष खत्म होने से पहले हर पैसा खर्च करें... मंत्री राकेश सचान की सख्त हिदायत
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने सोमवार को विभागीय योजनाओं के वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट और प्रगति की समीक्षा की। विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन, बजट व्यय और लंबित परियोजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा करते हुए सख्त निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष समाप्ति से पहले बजट का पूरा उपयोग करें।
कैसरबाग स्थित निर्यात भवन में समीक्षा के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन योजनाओं में कार्य प्रगति पर है, उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि 31 मार्च तक शेष बजट के व्यय की प्रक्रिया जारी है। बैठक में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी और मोची जैसे पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत चल रहे कार्यक्रमों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए बैंक ऋण और मार्जिन मनी उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत उद्यमियों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और विपणन सहयोग दिया जा रहा है।
मंत्री राकेश सचान ने औद्योगिक आस्थानों, क्लस्टर पार्कों और यूनिटी मॉल जैसी परियोजनाओं की प्रगति तेज करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से स्थानीय उद्यमियों को नई संभावनाएं मिलेंगी और प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
