अमेरिका पर World Anti-Doping Agency का तगड़ा प्रहार! ट्रंप को अपने देश के ओलंपिक और विश्व कप में भी एंट्री नहीं?

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Published By Muskan Dixit
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न्यूयॉर्कः यह सुनने में भले अजीब सा लगे लेकिन विश्व डोपिंग विरोधी एजेंसी (वाडा) एक ऐसा नियम लागू करने पर विचार कर रही है जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सभी अमेरिकी सरकारी अधिकारियों को प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने से रोक सकता है, भले ही उनका आयोजन अमेरिकी धरती पर ही क्यों न हो। अमेरिका में अगले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन होना है। इनमें इस साल होने वाला फुटबॉल विश्व कप, 2028 में लॉस एंजिलिस में होने वाले ओलंपिक खेल और 2034 में यूटा में होने वाले शीतकालीन खेल भी शामिल हैं। यह लड़ाई ट्रंप की मर्जी से नहीं लड़ी जा रही है, बल्कि खुद वाडा इसमें अहम भूमिका निभा रहा है जो पिछले एक दशक में अधिकतर समय ट्रंप और बाइडेन प्रशासन तथा अमेरिका की डोपिंग रोधी एजेंसी के रवैए से खुश नहीं है।

यह प्रस्ताव मंगलवार को वाडा की कार्यकारी समिति की बैठक के एजेंडे में शामिल है जो इन सभी पक्षों के बीच वर्षों से चल रही बयानबाजी, चेतावनी और संघर्ष में नवीनतम और सबसे चरम कदम है। इसका मूल आधार अमेरिकी सरकार का वाडा के वार्षिक शुल्क का भुगतान नहीं करना है। अमेरिका ने 2024 और 2025 के दौरान वाडा के कई मामलों से निपटने के तरीके के विरोध में कुल 73 लाख डॉलर का भुगतान रोक रखा है। इनमें सबसे ताजा मामला चीनी तैराकों से जुड़ा है जिन्हें प्रतिबंधित पदार्थ के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बावजूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति दी गई थी। वाडा ने चीन की संबंधित संस्थाओं की इस बात पर भरोसा किया कि खिलाड़ियों ने गलती से यह पदार्थ ले लिए थे।

वाडा के प्रवक्ता जेम्स फिट्जगेराल्ड ने कहा कि यदि यह नियम पारित हो जाता है, तो इसे ''पूर्वव्यापी रूप से लागू नहीं किया जाएगा, इसलिए विश्व कप, लॉस एंजिलिस ओलंपिक और साउथ कैरोलिना में होने वाले शीतकालीन खेल इसके दायरे में नहीं आएंगे।'' एसोसिएटेड प्रेस के पास इस प्रस्ताव की एक प्रति है जिसमें इस आशय का कोई उल्लेख नहीं है। वाडा को ट्रंप पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार किसने दिया? ओलंपिक और विश्व कप जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में टीमें भेजने के लिए इसमें शामिल सभी लोगों को वाडा के नियमों का पालन करने की शपथ लेनी होती है। फिर चाहे वे नियम सीधे डोपिंग से संबंधित हों या प्रशासनिक मुद्दों से, जैसा कि इस प्रस्ताव में है। संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के साथ हुए समझौते के तहत सरकारों को वाडा के नियमों का पालन करना होता है।

विभिन्न खेल संगठनों की तरह यूनेस्को के साथ हुए समझौते में सरकारों को शुल्क का भुगतान करने और वाडा के नियमों का पालन करने की सहमति शामिल है। क्या वाडा वाकई ट्रंप को उनके अपने देश में किसी कार्यक्रम में शामिल होने से रोक सकता है? बाइडेन प्रशासन में डोपिंग मामलों के प्रमुख रहे राहुल गुप्ता और उनकी उत्तराधिकारी सारा कार्टर ने इसे 'हास्यास्पद' करार दिया। गुप्ता ने कहा, ''यह सरकार की जिम्मेदारी है, वाडा की नहीं। यह स्पष्ट है कि वाडा का किसी भी नियम आधारित प्रणाली को बढ़ावा देने का प्रयास है जो किसी सरकार, विशेषकर मेजबान सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप करता है। यह किसी भी सरकार के लिए चिंता का विषय होगा।''

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