Bareilly: लीलौर झील व प्राचीन राम कटोरा ताल का होगा ईको पर्यटन विकास

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Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। आंवला तहसील के रामनगर क्षेत्र की लीलौर झील और ढिलवारी प्राचीन राम कटोरा ताल का ईको पर्यटन विकास होगा। यहां पर्यटकों के लिए रहने, खान-पान, वाहनों को पार्क करने समेत कई सुविधाएं मिलेंगी। शासन ने दोनों पौराणिक महत्व वाले स्थानों पर पर्यटन की दृष्टि से विकास कार्य कराने की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दे दी है। करीब 2.95 कराेड़ रुपये खर्च होंगे। मल्टीपरपज हाल, टॉयलेट ब्लॉक, फूड कोर्ट आदि बनाए जाएंगे। पहली किस्त में 2.21 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए हैं।

पर्यटन अनुभाग के उप सचिव संजीव कुमार श्रीवास्तव ने पर्यटन महानिदेशक को पत्र भेजकर बताया कि परियोजना निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड को कार्यदायी संस्था नामित किया है। कार्यदायी संस्था की ओर से भेजे गए आगणन का विभागीय अप्रेजल समिति ने मूल्यांकन किया। इसके बाद 2.95 करोड़ रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति दी गयी। प्रथम किस्त के रूप में 2.21 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए हैं। बताया कि बंजर दर्ज भूमि पर कार्य कराने के लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन के लिए ग्राम सभा का प्रस्ताव उप निदेशक पर्यटन बरेली की ओर से उपलब्ध कराया जायेगा। धनराशि व्यय करने से पहले महानिदेशक पर्यटन कार्यालय की ओर से जिलाधिकारी की संस्तुति या सहमति प्राप्त की जाएगी। निविदा में ई-टेन्डरिंग की प्रक्रिया लागू होगी।

इन विकास कार्यों पर इतनी धनराशि खर्च की जाएगी
लीलौर झील व प्राचीन राम कटोरा ताल में मल्टीपरपज हाल बनेगा, इसमें सिविल वर्क पर 90.95 लाख रुपये, इलेक्ट्रिक वर्क पर 4.12 लाख, फायर फाइटिंग पर 1.04 लाख खर्च होगा। टॉयलेट ब्लॉक बनेंगे। इसमें सिविल वर्क पर 35.22 लाख, इलेक्ट्रिक वर्क पर 1.97 लाख, प्लंबिंग एंड सेनेटरी वर्क पर 2.16 लाख खर्च होंगे। फूड कोर्ट का निर्माण हाेगा। इसमें सिविल वर्क पर 44.44 लाख, इलेक्ट्रिक वर्क पर 2.72 लाख, प्लंबिंग एंड सेनेटरी वर्क पर 1.20 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। पाथ-वे और पार्किंग के लिए 24.98 लाख, फोकस वाल पर 6.57 लाख और हार्टिकल्चर पर 8.53 लाख, अन्य इलेक्ट्रिक वर्क पर 11.94 लाख रुपये और सबमर्सिबल विथ बोरिंग पर 2.45 लाख रुपये खर्च होंगे।

अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेंस सक्षम स्तर से प्राप्त कर लें
प्रस्तावित निर्माण कार्य प्रारंभ करने के पहले मानचित्रों का आवश्यकता के अनुसार स्थानीय विकास प्राधिकरण या सक्षम लोकल अथॉरिटी से स्वीकृत कराएं। नियमानुसार विभिन्न संस्थाओं से समस्त आवश्यक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेंस एवं सक्षम स्तर से प्राप्त कर लें। अन्य संबंधित संस्थाओं, विभागों, प्राधिकरणों आदि से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के भी निर्देश दिए गए। समय-समय पर कार्यदायी संस्था द्वारा कराये जा रहे निर्माण कार्यों का पर्यवेक्षण महानिदेशक पर्यटन सुनिश्चित कराएं।

 

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