UP: मुर्दा शरीर की चलने लगीं सांसें, परिवार वाले गड्ढे को मान रहे भगवान
पीलीभीत, अमृत विचार। सड़क पर चलते वक्त गड्ढे में पैर या गाड़ी का पहिया पड़ जाए तो आह निकल ही जाती है। गड्ढों के चक्कर में हर दिन जान गवाने वालों की फेहरिस्त भी कम नहीं। मगर सड़क का गड्ढा किसी मरीज की सांसे लौटाने की वजह बन जाए ये सुनने में अजीब लगेगा।
लेकिन यकीन जानिए यूपी के पीलीभीत जिले में कुछ यही हुआ। महिला मरीज की सांसे लगभग थम चुकीं थीं, तभी पहिया किसी गड्ढे में पड़ने के बाद एंबुलेस तेजी से उछली। अंदर लेटी महिला मरीज जिसके शरीर को परिवार वाले शव मान चुके थे, झटका लगने से छूटती जिंदगी की डोर वापस थाम लेती है।
पीलीभीत की रहने वाली 50 साल की विनीता शुक्ला का इलाज बरेली के एक अस्पताल में चल रहा था। बीती 24 फरवरी को डॉक्टर ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। निराश पति कुलदीप कुमार शुक्ला एंबुलेंस के जरिए बरेली से पीलीभीत स्थित आवास लेकर जा रहे थे। पत्नी को मरा समझकर घर पर अंतिम संस्कार की तैयारी पूरी करने तक को कह दिया। मगर बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर अचनाक एक गड्ढा आया और एंबुलेंस जोर से उछली। ये झटका विनीता के लिए किसी सीपीआर या चमत्कार जैसा था। उखड़ चुकीं उनकी सांसे वापस चलने लगीं।
परिवार के मुताबिक पहले केवल नव्ज चल रही थी मगर झटका लगने के बाद उनकी सांसें भी चलने लगीं। पत्नी की सांसे वापस लौटने के बाद पति कुलदीप शुक्ला ने भी गहरी सांस भरी। झट से घर पर फोन किया और अंतिम संस्कार की तैयारियां रोकने को कहा। विनीता की ये कहानी अब सामने आई है। इस घटना के कई दिन बीत जाने के बाद वह स्वस्थ हैं। परिवार भी उनकी इस नई जिंदगी पर ईश्वर का शुक्रिया अदा कर रहा है।
