103 करोड़ लोगों तक पहुंचा इंटरनेट... लोकसभा में बोले अश्विनी वैष्णव भारत में 2014 से 4 गुना ज्यादा बढ़ा इस्तेमाल
नई दिल्लीः सरकार ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि देश में किफायती दामों पर लोगों को इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है और वर्तमान में 103 करोड़ लोगों तक इंटरनेट की कनेक्टीविटी है जबकि 2014 में यह मात्र 25 करोड़ लोगों थी।
केंद्रीय इलेक्ट्रोनिकस एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्वनी वैष्णव ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दस वर्षों में सरकार ने डिजिटल इंडिया के माध्यम से डिजिटल इनक्लूजन के लिए तीन फ्रंट पर काम किया है। सबसे पहले इंटरनेट को सब तक पहुंच को बढाना, उसके दाम को कम करना और तीसरा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना शामिल है।
उन्होंने कहा कि जहां 2014 में मात्र 25 करोड लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते थे वहीं आज 103 करोड़ लोगों तक इसकी पहुंच है। उन्होंने कहा कि आज भारत में इंटरनेट सबसे किफायती माना जाता है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट के लिए वैश्विक स्तर पर जो औसत टैरिफ लगता है उससे 25 गुना भारत में कम है।
वैष्णव ने कहा कि एआई सम्मेलन के दौरान रोबोट को लेकर जो विवाद उत्पन्न हुआ उस पर तुरंत कार्रवाई की गयी और उस विश्वविद्यालय के स्टाल को सम्मेलन स्थल से हटा दिया गया। केन्द्रीय मंत्री ने रेल मंत्रालय से संबंधित एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि मुंबई में रेल आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए कवच परियोजना पर भी काम तेजी से चल रहा है।
