Uttrakhand: नेपाल में नई सरकार...रोटी-बेटी के रिश्ते होंगे प्रगाढ़, पर्यटन गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद

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Edited By Amrit Vichar
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विपिन गुप्ता, पिथौरागढ़। नेपाल में हो रहे राजनीतिक बदलाव की आहट से सीमांत पिथौरागढ़ (उत्तराखंड) जिले में भी सरगर्मी है। जिले की लगभग 275 किलोमीटर लंबी सीमा नेपाल से लगी हुई है। यहां काली नदी पर बने झूलाघाट और धारचूला के झूला पुलों से दोनों देशों के बीच सबसे अधिक आवागमन होता है।

बीते दिनों नेपाल में आम चुनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय सीमा सील होने का असर भारतीय बाजारों पर भी दिखा। स्थिति यह रही कि झूलाघाट, धारचूला, टनकपुर, बनबसा सहित सीमा क्षेत्र के बाजारों में होली पर्व पर भी दुकानें बंद नजर आयीं। हालांकि चुनाव संपन्न होते ही रौनक लौट आयी है।

नेपाल में बालेन शाह के नेतृत्व में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की सरकार बनना लगभग तय है। इस बीच वहां के ताजा घटनाक्रम पर नेपाल सीमा से सटे गांवों में निवासरत भारतीय, नेपाली नागरिकों की भी नजर है। उन्हें नेपाल की भावी सरकार से काफी उम्मीदें हैं।

माना जा रहा है कि निकट भविष्य में पिथौरागढ़ और चंपावत क्षेत्र में नेपाल के लोगों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे क्षेत्र की व्यापारिक और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, सदियों से दोनों देशों के चले आ रहे रोटी-बेटी के रिश्ते में व्यापार समेत अन्य सामाजिक कार्यों के साथ प्रगाढ़ता भी संभव है।सीमा क्षेत्र में बसे दोनों देशों के नागरिकों ने कहा कि नेपाल में नई सरकार दोनों देशों के हितों को लेकर काम करेगी। इससे दोनों के बीच आपसी रिश्ते और भी मजबूत होंगे। 

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