विंध्यधाम पहुंचे सीएम योगी : मां विंध्यवासिनी के दरबार में लगाई हाजिरी, नवरात्र मेले की तैयारियों का लिया जायजा

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को मां विंध्यवासिनी मंदिर पहुंचकर विंध्य क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी व अपनी कुलदेवी मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर पूजन-अर्चन किया। उन्होने 19 मार्च से प्रारंभ हो रहे चैत्र नवरात्र मेले की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरे मंदिर परिसर को फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया था।

मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका कुलदेवी के धाम में यह अठारहवां दौरा बताया गया। मुख्यमंत्री के विंध्यधाम पहुंचने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। उनके दर्शन-पूजन के दौरान आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन अस्थायी रूप से रोक दिए गए थे। मुख्यमंत्री के धार्मिक अनुष्ठान स्थानीय भाजपा विधायक एवं पुरोहित रत्नाकर मिश्र और उनकी टीम ने संपन्न कराए।

मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में स्थित मां काली और मां सरस्वती का लघु त्रिकोण पूजन भी किया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरा परिसर फूलों से सुसज्जित था तथा मिर्जापुर के प्रसिद्ध लाल कालीन बिछाए गए थे। पूरा प्रशासनिक अमला मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहा और अधिकारियों द्वारा उन्हें व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। 

योगी ने विंध्य कॉरिडोर का अवलोकन कर कुछ सुझाव और निर्देश भी दिए। मंदिर परिसर में लगी महिला सशक्तिकरण प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए उन्होंने बच्चों के साथ फोटो भी खिंचवाई और उनका उत्साहवर्धन किया। दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने अष्टभुजा डाक बंगला में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर नवरात्र मेले की तैयारियों की समीक्षा की और तैयारियों का ब्लूप्रिंट देखा। उन्होंने त्रिकोण पथ पर बन रहे कॉरिडोर निर्माण कार्य के मॉडल का भी अवलोकन किया। 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त बनाया जाए तथा घाटों की सफाई और स्वच्छता व्यवस्था बेहतर रखते हुए विंध्याचल को प्रदेश का मॉडल स्थल बनाने की दिशा में काम किया जाए। उन्होंने यात्रियों के लिए शौचालय, पेयजल, दवा और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने तथा गर्मी को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। 

बैठक में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और पुलिस अधीक्षक अर्पणा कौशिक ने मेले की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मड़िहान क्षेत्र के देवरी कलां गांव में बन रहे मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए और कार्यदायी संस्था को समय से निर्माण कार्य पूरा करने का आदेश दिया। 

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो शोभा गौड़ ने उन्हें विश्वविद्यालय की प्रगति से अवगत कराया। इससे पहले मुख्यमंत्री के आगमन पर स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। हैलिपैड पर मंत्री आशीष पटेल, विधायक रमाशंकर सिंह, विनीत सिंह, रिंकी कोल तथा भाजपा जिलाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने भी उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री के आगमन के कारण हटाया गया यूजीसी विरोध सभा का तंबू-मंच

मिर्जापुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को देखते हुए मंगलवार को यहां प्रस्तावित यूजीसी विरोध सभा का तंबू और मंच पुलिस के निर्देश पर हटवा दिया गया। बाद में आयोजकों ने स्थान बदलकर विरोध कार्यक्रम आयोजित किया। यूजीसी 26 के विरोध में ब्राह्मण एकता परिषद, कर्णी सेना, चित्रगुप्त महासभा सहित आधा दर्जन संगठनों ने मंगलवार को विरोध सभा का आह्वान किया था।

कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों के प्रमुख नेताओं के शामिल होने का भी कार्यक्रम निर्धारित था। पूर्व घोषित कार्यक्रम स्थल जंगी रोड पर एक अस्पताल के सामने तय किया गया था, जहां आयोजक तंबू, कनात, मंच और माइक की व्यवस्था कर रहे थे। सफाई का काम पूरा होने के बाद सामियाना लगाया जा रहा था कि इसी बीच मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की सूचना मिल गई।

इसके बाद पुलिस ने सुरक्षा कारणों से आयोजकों से कार्यक्रम स्थल बदलने को कहा। पुलिस के निर्देश के बाद आयोजकों ने आनन-फानन में दूसरे स्थान का चयन किया और लगाए गए तंबू-कनात तथा मंच को हटाकर वहां से ले गए। हालांकि मुख्यमंत्री का उस मार्ग से सड़क मार्ग द्वारा गुजरने का कार्यक्रम नहीं था, फिर भी सुरक्षा की दृष्टि से विंध्याचल मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई थी।

आयोजकों में शामिल नरेश शर्मा ने कहा कि बैरिकेडिंग की जा रही थी, इसलिए प्रशासन से टकराव की स्थिति से बचने के लिए कार्यक्रम स्थल बदलना उचित समझा गया। वहीं दिलीप सिंह गहरवार ने बताया कि स्थान बदलने के कारण लोगों को सूचना देने में कुछ कठिनाइयां हुईं, लेकिन बाद में सभी को सूचित कर कार्यक्रम आयोजित किया गया। विरोध सभा में सैकड़ों की संख्या में लोगों, विशेषकर छात्रों ने हिस्सा लिया और यूजीसी के खिलाफ अपने विचार व्यक्त किए। प्रतिभागियों ने इस मुद्दे पर लंबी लड़ाई लड़ने का संकल्प भी व्यक्त किया।

संबंधित समाचार