नीट की तैयारी के समय ही आतंकी संगठन के संपर्क में था हारिस, ATS को मिले क्रिप्टोकरेंसी के जरिए फंडिंग के मजबूत साक्ष्य
आतंकी डॉ. अदील अहमद के सीधे संपर्क में था, ऑन लाइन वीडियो करता था वायरल
लखनऊ, अमृत विचार: यूपी एटीएस ने रविवार देर रात को मुरादाबाद में छापेमारी कर सहारनपुर के रहने वाले बीडीएस छात्र हारिस अली को गिरफ्तार किया। वह आईएसआईएस के ऑन लाइन मॉड्यूल से जुड़ा है। हारिस राजस्थान में नीट की तैयारी कर रहा था। वहीं पहली बार आतंकी संगठन के संपर्क में आया। वह ''सेशन'' और ''डिस्कॉर्ड'' जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स पर फर्जी नामों से ग्रुप चलाकर युवाओं का ब्रेनवॉश कर रहा था। आरोपी वीपीएन का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाता था और भारत के खिलाफ साजिशें रचने वाले विदेशी हैंडलर्स के सीधे संपर्क में था।
एटीएस की जांच में हारिस के पास से क्रिप्टोकरेंसी के जरिए फंडिंग के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। जिसकी जांच की जा रही है। उसने ''अल इत्तेहाद मीडिया फाउंडेशन'' नाम से अपना एक गुप्त ग्रुप बना रखा था, जहां वह आईएसआईएस की प्रोपेगेंडा मैगजीन ''दाबिक'' और ''अल-नाबा'' शेयर करता था। सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर इस समय आधा दर्जन से अधिक अन्य संदिग्ध भी हैं, जो हारिश के इस डिजिटल नेटवर्क का हिस्सा थे। यह मॉड्यूल युवाओं को फिदायीन हमलों के लिए भड़काने और शरिया कानून लागू करने की कट्टरपंथी सोच पर काम कर रहा था।एटीएस के मुताबिक, वह न केवल भारत बल्कि पाकिस्तान के आईएसआईएस हैंडलर्स से भी जुड़ा हुआ था। मुरादाबाद के कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसने अपने कई साथियों को भी इस दलदल में खींचने की कोशिश की थी। एटीएस अब उसके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए छापेमारी कर रही है।
आतंकी अदील अहमद से जुड़ा था हारिस
सहारनपुर जिले का आतंकवादी संगठनों से कनेक्शन का पुराना इतिहास रहा है। इसी कारण सहारनपुर में आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के संदेह में दर्जनों लोगों को एटीएस ने गिरफ्तार किया है। आतंकी संगठनों ने अब "हाई-प्रोफाइल" यानी, बेहद पढ़े-लिखे लोगों को अपने संगठन में भर्ती करना शुरू कर दिया है। मेडिकल क्षेत्र के पेशेवरों को तेजी से आसान निशाने के तौर पर देखा जा रहा है। हाल में सहारनपुर के एक अस्पताल में काम करने वाले डॉ. अदील की गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न स्थानों पर आतंकी संगठनों से जुड़े बड़ी संख्या में डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया था। आतंकी डॉ. अदील अहमद भी सहारनपुर के उसी इलाके में किराए के मकान में रहता था, जहां मुरादाबाद में गिरफ्तार बीडीएस छात्र हारिस अली का पुश्तैनी घर है।
इलाके में हारिस के परिवार की अलग पहचान
आतंकवादी संगठन से जुड़ने के मामले में मुरादाबाद से गिरफ्तार हारिस अली की उम्र महज 19 वर्ष है। सहारनपुर के कुतुबशेर स्थिम मनकामऊ में परिवार रहता है। यहां उसकी पुश्तैनी कोठी है। हारिस के परिवार की इलाके में अलग पहचान है। दादा व परदादा देश की नामी सिगरेट बनाने वाली कंपनी आईटीसी में काम करते थे। उनकी गिनती इलाके के प्रमुख जमींदारों में होती है। हारिस के पिता आईटीसी में काम करते हैं। बड़ा भाई डॉक्टर है। उसकी बहन भी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है।
