चैत्र नवरात्रि : इस तरह करें शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना, अमावस्या का रहेगा प्रभाव, ये है शुभ योग
बरेली, अमृत विचार। चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ गुरुवार से हो रहा है। नवरात्रि के पहले दिन प्रतिपदा 19 मार्च सुबह 6:52 बजे से प्रारंभ होगी, इसी दिन विधि-विधान से कलश स्थापना कर नवरात्रि का शुभारंभ किया जाएगा। कलश स्थापना के समय अमावस्या का प्रभाव रहने के साथ ही शुक्ल, ब्रह्म और सर्वार्थ सिद्धि जैसे शुभ योग बन रहे हैं। यह दुर्लभ संयोग 72 साल बाद बन रहा है जो अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
आचार्य राजेश कुमार शर्मा के अनुसार कलश स्थापना के लिए गुरुवार को सुबह 6:52 से 8:23 बजे तक पहला शुभ मुहूर्त रहेगा, जबकि दूसरा मुहूर्त दोपहर 11:55 से 12:46 बजे तक होगा। इन शुभ समय में विधिपूर्वक कलश स्थापना कर मां दुर्गा की आराधना शुरू करना विशेष फलदायी माना गया है।
आचार्य प्रखर मिश्र ने बताया कि इस बार कलश स्थापना के समय अमावस्या का प्रभाव रहने के साथ शुक्ल, ब्रह्म और सर्वार्थ सिद्धि जैसे शुभ योग बन रहे हैं। करीब 72 साल बाद बन रहे इस दुर्लभ संयोग को अत्यंत शुभ माना जा रहा है। नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों शैलपुत्री से लेकर सिद्धिदात्री तक की पूजा-अर्चना की जाएगी। 26 और 27 मार्च को अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन के साथ नवरात्रि का समापन होगा।
