Kushinagar News : रेप कर किशोरी की हत्या मामले में दोषी को कठोर कारावास की सजा, देना होगा 4.25 लाख जुर्माना
कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार की अदालत ने दुष्कर्म कर किशोरी की हत्या करने वाले को जीवित रहने तक कठोर कारावास की सजा मंगलवार को सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्त पर 4.25 लाख रुपये का अर्थदंड लगा इसका आधा हिस्सा पीड़िता के संरक्षक को दिए जाने का आदेश दिया है।
अदालत में विशेष शासकीय अधिवक्ता पाक्सो फूलबदन व अजय गुप्त ने बताया कि वादी ने 27 नवंबर 2020 को तुर्कपट्टी थाने में सूचना दी कि उनकी 16 वर्ष की पुत्री शाम को साढ़े पांच बजे खेत से साइकिल पर अनाज लेकर चली पर घर नहीं पहुंची। उसकी तलाश में खेत की ओर गए तो रास्ते में साइकिल गिरी मिली। आसपास तलाश करने पर उसका खून से लथपथ शव मिला। मौके पर एक चप्पल पाया गया है। पुलिस ने मामले में अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम में किशोरी से दुष्कर्म की पुष्टि हुई।
जांच के दौरान खोजी कुत्ता घटनास्थल से सीधे बगल के गांव गुरवलिया टोला के देवीपुर के माईगर मद्धेशिया के घर में गया। माईगर घर पर मौजूद नहीं था। उसके बुजुर्ग मां-बांप उसके बारे में जानकारी नहीं दे सके। पुलिस ने उसे रिश्तेदारी से पकड़ जांच पड़ताल की तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर घटनास्थल के नजदीक खेत से धारदार हथियार, वह घटना के समय पहना हुआ कपड़ा मिला। कपड़ों पर खून के धब्बे पाए गए।
दर्ज मुकदमे में पुलिस ने माईगर मद्धेशिया एवं परिजन के बताने पर रामचंद्र गुप्त निवासी बड़हरा दुदही थाना विशुनपुरा का नाम मुकदमे में शामिल कर जांच शुरू की। जांच पूरी होने पर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां दाखिल पत्रावली, पेश सबूतों और बचाव तथा अभियोजन पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद विद्वान न्यायाधीश ने माईगर को दुष्कर्म व हत्या का दोषी करार दिया।
कोर्ट ने कहा कि अभियुक्त ने एक किशोरी, जिसने अभी जीवन की शुरूआत की थी, के जीवन को समाप्त कर दिया, ऐसे अमानवीय कृत्य की सभ्य समाज में कल्पना नहीं की जा सकती। ऐसा करने वाला कठोर दंड का भागी है, इस आधार पर कोर्ट उसे जीवित रहने तक कठोर कारावास की सजा से दंडित करती है। कोर्ट ने दूसरे आरोपित रामचंद्र को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
