Stock market closed: अमेरिकी फेड के ब्याज दर में बदलाव नहीं, लुढ़के शेयर बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

मुंबई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रेपो दरों को स्थिर रखने के फैसले से निराश निवेशकों की बिकवाली के कारण घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को भारी गिरावट देखी गयी। बीएसई का सेंसेक्स 2,496.89 अंक (3.26 प्रतिशत) लुढ़ककर 74,207.24 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 775.65 अंक टूटकर 23,002.15 अंक पर आ गया। यह दोनों का 11 महीने से ज्यादा का निचला स्तर है। 

अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने बुधवार को समाप्त दो दिवसीय बैठक में नीतिगत दरों को 3.5 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत के बीच स्थिर रखने का फैसला किया। इससे अमेरिका के साथ एशिया और यूरोप के शेयर बाजारों में भी बड़ी गिरावट आयी। सेंसेक्स की शुरुआत ही 1,953 अंक की गिरावट में 74,751 अंक पर हुई। हालांकि खुलने के तुरंत बाद यह 75,354 अंक तक चढ़ गया, लेकिन धीरे-धीरे इसका ग्राफ नीचे उतरता गया। 

इसका निचला स्तर 73,951 अंक रहा। निफ्टी का ग्राफ भी इसी तरह का रहा। बाजार में बिकवाली इस कदर सर्वव्यापी रही कि सभी सूचकांक और सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। मझौली कंपनियों का मिडकैप-50 सूचकांक 3.29 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 2.94 प्रतिशत गिर गया। ऑटो सेक्टर का सूचकांक चार प्रतिशत से ज्यादा लुढ़क गया। 

एनएसई में वित्त, बैंकिंग, आईटी, धातु और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों में तीन फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही। सबसे कम 1.98 प्रतिशत की गिरावट तेल एवं गैस सेक्टर के सूचकांक में देखी गयी। सेंसेक्स की सभी कंपनियां लाल निशान में बंद हुईं। इटरनल का शेयर साढ़े पांच प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एचडीएफसी बैंक के शेयर भी पांच प्रतिशत से अधिक गिर गये। 

एलएंडटी, इंडिगो, बजाज फिनसर्व और ट्रेंट में चार प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट रही।एक्सिस बैंक, इंफोसिस, मारुति सुजुकी, टीसीएस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, अडानी पोर्ट्स और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर तीन से चार प्रतिशत के बीच फिसल गये। बीईएल, टाइटन, टाटा स्टील, हिंदुस्तान यूनीलिवर, कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, सनफार्मा, भारतीय स्टेट बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और एनटीपीसी के शेयर एक से तीन प्रतिशत तक लुढ़क गये।

संबंधित समाचार