परिवहन निगम में बड़ा सुधार: चालक-परिचालकों के विवादों का निस्तारण करेगी तीन सदस्यीय समिति
लखनऊ, अमृत विचार : उप्र.परिवहन निगम ने संविदा चालकों और परिचालकों से जुड़े विवादों के निस्तारण को तेज करने के लिए आर्बिट्रेशन व्यवस्था में बदलाव किया है। अब तक 5 सदस्यीय आर्बिट्रेशन समिति के स्थान पर 3 सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा।
परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि संविदा कर्मियों से जुड़े मामलों की संख्या बढ़ने और उनके निस्तारण में देरी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था से मामलों का जल्द निपटारा संभव हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि पहले नियमानुसार पांच सदस्यीय समिति बनाई जाती थी, जिसमें क्षेत्रीय प्रबंधक, सेवा प्रबंधक, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (वित्त), वरिष्ठतम सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक और सहायक विधि अधिकारी शामिल होते थे। नई व्यवस्था के तहत अब क्षेत्रीय प्रबंधक के साथ उपरोक्त अधिकारियों में से किसी दो को शामिल कर तीन सदस्यीय समिति बनाई जाएगी। इससे प्रक्रिया सरल होगी और निर्णय लेने में कम समय लगेगा।
