खोज:वाई-फाई का आविष्कार
वाई-फाई (Wi-Fi) आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है, लेकिन इसका आविष्कार एक ही व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि कई वैज्ञानिकों के शोध और प्रयोगों के परिणामस्वरूप हुआ। सबसे पहले इसकी नींव 19 वीं सदी में पड़ी, जब जेम्स क्लर्क मैक्सवेल ने विद्युतचुंबकीय तरंगों का सिद्धांत दिया। बाद में हाइनरिख हर्ट्ज़ ने इन तरंगों को प्रयोग में सिद्ध किया। यही तरंगें आगे चलकर वायरलेस संचार का आधार बनीं। 20 वीं सदी में रेडियो और वायरलेस तकनीक का विकास हुआ, लेकिन असली क्रांति 1990 के दशक में आई।
ऑस्ट्रेलिया की संस्था CSIRO के वैज्ञानिकों की एक टीम ने वायरलेस डेटा ट्रांसमिशन की एक नई तकनीक विकसित की। इस टीम का नेतृत्व जॉन ओ’सुलिवन कर रहे थे। असल में यह टीम अंतरिक्ष में ब्लैक होल से आने वाले रेडियो सिग्नल्स को समझने पर काम कर रही थी। इसी दौरान उन्होंने एक ऐसी तकनीक विकसित की, जिससे रेडियो तरंगों के माध्यम से डेटा को साफ और तेजी से भेजा जा सकता था। यही तकनीक आगे चलकर Wi-Fi का आधार बनी।
इसके बाद 1997 में IEEE ने 802.11 नाम का पहला वायरलेस नेटवर्क मानक जारी किया। यही वह तकनीकी ढांचा है, जिस पर आज का Wi-Fi आधारित है। ‘Wi-Fi’ नाम खुद कोई तकनीकी शब्द नहीं है, बल्कि यह एक ब्रांड नाम है, जिसे Wi-Fi Alliance ने 1999 में अपनाया। इसका उद्देश्य वायरलेस नेटवर्किंग को आसान और लोकप्रिय बनाना था। आज Wi-Fi रेडियो तरंगों का उपयोग करके आपके मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिवाइस को इंटरनेट से जोड़ता है।
इसमें एक राउटर होता है, जो इंटरनेट सिग्नल को वायरलेस रूप में फैलाता है, और आपके डिवाइस उस सिग्नल को पकड़कर डेटा भेजते और प्राप्त करते हैं। Wi-Fi किसी एक आविष्कार का परिणाम नहीं, बल्कि विज्ञान, अंतरिक्ष अनुसंधान और संचार तकनीक के लंबे विकास का नतीजा है, जिसने दुनिया को बिना तारों के जोड़ दिया।
वैज्ञानिक के बारे में
जॉन ओ’सुलिवन का व्यक्तिगत जीवन उतना ही रोचक है, जितना उनका वैज्ञानिक योगदान। उनका जन्म 1946 में ब्रिस्बेन में हुआ था। बचपन से ही उन्हें विज्ञान और गणित में गहरी रुचि थी, जिसने आगे चलकर उनके करियर की दिशा तय की। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा यूनिवर्सिटी ऑफ सीडनी से प्राप्त की, जहां उन्होंने भौतिकी में अध्ययन किया। बाद में उन्होंने सैद्धांतिक भौतिकी में विशेषज्ञता हासिल की।
निजी जीवन में वे काफी सरल, शांत और शोध में डूबे रहने वाले व्यक्ति माने जाते हैं। वे प्रचार-प्रसार से दूर रहकर अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना पसंद करते थे। उनका पारिवारिक जीवन भी संतुलित रहा है। वे विवाहित हैं और अपने परिवार के साथ साधारण जीवन जीते रहे हैं। अपने काम के अलावा उन्हें संगीत और पढ़ने का भी शौक रहा है, जो उनके व्यक्तित्व के एक संवेदनशील और रचनात्मक पक्ष को दर्शाता है।
