फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तारः 300 करोड़ के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी... सीधे किसानों को होगा लाभ
19 इकाइयों को 35 करोड़ सब्सिडी, कई जिलों में लगेंगी नई इकाइयां
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को गति देने के लिए कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय एम्पावर्ड कमेटी (एसएलईसी) की शुक्रवार को हुई 17वीं बैठक में करीब 300 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में 19 परियोजनाओं के लिए 35 करोड़ रुपये की सब्सिडी स्वीकृत की गई, जिससे प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
बैठक में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि अब तक स्वीकृत 600 करोड़ रुपये में से 318.64 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। कुल 353 निवेशकों को अनुदान हस्तांतरित किया गया है, जिनमें 100 इकाइयों को दूसरी और 253 इकाइयों को पहली किस्त जारी की गई है। चालू वित्तीय वर्ष में 300 करोड़ रुपये के बजट के सापेक्ष 19 जनवरी 2026 तक 168.66 करोड़ रुपये (56.22%) का भुगतान किया जा चुका है, जबकि शेष भुगतान प्रक्रिया में है।
बैठक में अमरोहा, मेरठ, कानपुर नगर, गोरखपुर, अयोध्या, लखीमपुर खीरी, बुलंदशहर, एटा, कौशांबी और रामपुर समेत कई जिलों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। रेडी-टू-ईट उत्पाद, हेल्दी स्नैक्स, पैकेज्ड फूड और कृषि आधारित इकाइयों की स्थापना से स्थानीय किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बैठक में थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेंसी के प्रतिनिधि एनएल साहू (वाइस प्रेसिडेंट), राजमिथिलेश कुमार (वरिष्ठ सलाहकार) और ई. श्याम कटारे (मैकेनिकल इंजीनियर) उपस्थित रहे। उत्कृष्ट सत्यापन कार्य के लिए इन्हें सम्मानित भी किया गया। झांसी में पीनट प्रोसेसिंग यूनिट को बढ़ावा देने के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप पटेल को भी प्रशस्ति पत्र दिया गया। सरकार का मानना है कि इन निवेशों से प्रदेश में वैल्यू एडिशन बढ़ेगा, किसानों की आय में सुधार होगा और उत्तर प्रदेश फूड प्रोसेसिंग हब के रूप में उभरेगा।
एक नजर में फैसले
• 300 करोड़ के निवेश प्रस्ताव स्वीकृत
• 19 परियोजनाओं को 35 करोड़ सब्सिडी
• 353 निवेशकों को अनुदान
• 318.64 करोड़ खर्च (53.10%)
• चालू वर्ष में 168.66 करोड़ भुगतान
किन जिलों को फायदा
• अमरोहा, मेरठ, कानपुर नगर
• गोरखपुर, अयोध्या, लखीमपुर खीरी
• बुलंदशहर, एटा, कौशांबी, रामपुर
• कृषि आधारित इकाइयों को प्राथमिकता
क्या होगा असर
• किसानों को उत्पाद का बेहतर दाम
• फूड प्रोसेसिंग से वैल्यू एडिशन
• युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
• प्रदेश बनेगा टेक्सटाइल/फूड हब की दिशा में मजबूत
