Bareilly : अप्रैल से चौपुला-किला मार्ग पर राहत का सफर...डेडलाइन से पहले काम पूरा
बरेली, अमृत विचार। शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले चौपुला-किला मार्ग पर अप्रैल के पहले सप्ताह में वाहन रफ्तार भरते नजर आएंगे। राहत भरा सफर शुरू हो जाएगा। 1200 मीटर लंबे इस मार्ग पर आधुनिक पेवर तकनीक से 30 इंच मोटी सीसी रोड डाली जा रही है, जो भारी वाहनों के दबाव को झेल सकेगी। लोक निर्माण विभाग के अभियंता लगातार सड़क निर्माण की निगरानी कर रहे हैं। अफसरों के अनुसार सड़क का 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
नगर निगम ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए पांच करोड़ रुपये का बजट पीडब्ल्यूडी को आवंटित किया था। प्रोजेक्ट का जिम्मा एएन बिल्डर को सौंपा गया है। हालांकि विभाग के साथ हुए बांड के मुताबिक ठेकेदार को काम पूरा करने के लिए छह महीने का समय दिया था, लेकिन जनसुविधा को देखते हुए मेयर ने इसे तीन महीने के भीतर यानी अप्रैल तक पूरा करने के निर्देश दिए थे। विभाग की सक्रियता का परिणाम है कि निर्धारित समय सीमा से पहले ही सड़क बनकर तैयार होने की स्थिति में है।
अभियंता बताते हैं कि इस मार्ग की सबसे बड़ी चुनौती जलभराव की समस्या रही है, जिसके कारण पुरानी सड़कें कुछ ही महीनों में उखड़ जाती थीं। चूंकि सड़क के एक किनारे रेलवे परिसर है, इसलिए वहां नाली न होने से बरसाती पानी सीधे सड़क की सतह को नुकसान पहुंचाता था। इस बार तकनीकी विशेषज्ञों ने इसका स्थायी समाधान निकाला है। सड़क निर्माण के साथ ही रेलवे वाली साइड में पक्की नाली बनाने का कार्य शुरू हो गया है। इससे न केवल सड़क की उम्र बढ़ेगी, बल्कि मानसून के दौरान राहगीरों को कीचड़ और जलभराव की समस्या से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
सड़क का चेहरा ही बदल गया
30 इंच मोटी कंक्रीट की परत ने इस सड़क का चेहरा ही बदल दिया है। सड़क के दोनों ओर रेलवे परिसर और रिहायशी इलाकों को जोड़ने वाली इस पट्टी पर अब धूल का नामोनिशान नहीं होगा। पेवर तकनीक से बिछाई गई इस मजबूत सतह पर सफर न केवल सुरक्षित होगा, बल्कि वाहनों के मेंटेनेंस का खर्चा भी कम हो जाएगा। जाम के झाम से भी शहरवासियों को निजात मिलेगी।
पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड एक्सईएन भगत सिंह ने बताया कि चौपुला-किला मार्ग शहर की महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक है। सड़क की 30 इंच मोटाई और आधुनिक पेवर तकनीक का उपयोग इसे भारी यातायात के लिए बेहद टिकाऊ बनाता है। हमारा लक्ष्य केवल सड़क बनाना नहीं, बल्कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करना भी है, जिसके लिए नाली निर्माण का कार्य भी साथ-साथ चल रहा है।
