कानपुर में संपूर्ण समाधान दिवस पर मिली 86 शिकायतों में पांच का मौके पर निस्तारण
कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानपुर जिले की बिल्हौर तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में 86 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से पांच का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जनसमस्याओं की सुनवाई कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि शेष शिकायतों का निस्तारण शासनादेश के अनुसार सात दिन की निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण की निगरानी स्वयं करेंगे तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाधान दिवस में ग्राम संभियापुर निवासी दौलतराम द्वारा चकमार्ग संख्या-210 पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत प्रमुख रूप से सामने आई।
जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी बिल्हौर ने मौके पर पहुंचकर नायब तहसीलदार एवं एडीओ पंचायत की टीम के साथ निरीक्षण किया। अवैध रूप से बनाई गई नाली को हटवाकर चकमार्ग को पुनः बहाल कर दिया गया, जिससे आवागमन सुचारु हो गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा। इसके अलावा अन्य मामलों में भी त्वरित निस्तारण किया गया।
ग्राम न्योराखेड़ा निवासी सुभाष की भूमि को असंक्रमणीय से संक्रमणीय भूमिधर दर्ज कराया गया। ग्राम भगवन्तपुर निवासी रामबेटी का नाम खतौनी में संशोधित किया गया, जबकि ग्राम चन्दुला निवासी त्रिभुवन सिंह की बंधक भूमि को बैंक प्रमाणपत्र के आधार पर मुक्त कराया गया। समाधान दिवस में विभागवार प्राप्त शिकायतों में राजस्व विभाग के 56, पुलिस विभाग के 13, विकासखंड के पांच, विद्युत विभाग के चार तथा अन्य विभागों के शेष प्रकरण शामिल रहे।
इस अवसर पर डीसीपी कासिम आबिदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी, उपजिलाधिकारी संजीव दीक्षित सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इससे पूर्व जिलाधिकारी ने बिल्हौर तहसील का निरीक्षण कर अभिलेखागार, खाद्य एवं रसद विभाग तथा अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उन्होंने अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव, तंबाकू मुक्त क्षेत्र के नोडल अधिकारी का नाम प्रदर्शित करने तथा विद्युत वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने तहसील परिसर में स्वच्छता एवं प्रकाश व्यवस्था सुधारने पर भी जोर देते हुए कहा कि आमजन से जुड़े कार्यों का समयबद्ध एवं प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाये।
