सरकारी योजनाओं ने बदली किस्मत: सोमा की गुड़ से 90 हजार मासिक कमाई, अनीता बनीं ‘लखपति दीदी’
स्वयं सहायता समूह से 4400 को मिला सहारा
लखनऊ, अमृत विचार: योगी सरकार की योजनाएं अब जमीन पर असर दिखा रही हैं। आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करते हुए गांवों की महिलाएं रोजगार मांगने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बन रही हैं। लखीमपुर-खीरी की सोमा गुप्ता और अमरोहा की अनीता देवी इसकी जीवंत उदाहरण हैं।
लखीमपुर-खीरी के सिंगहाखुर्द गांव की सोमा गुप्ता ने ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ के तहत वर्ष 2022 में 25 लाख रुपये का ऋण लेकर गुड़ कोल्हू उद्योग शुरू किया। आज उनका उद्यम सफलता की नई मिसाल बन चुका है। सीजन में प्रतिदिन करीब 18 क्विंटल गुड़ उत्पादन के साथ उनका उत्पाद यूपी के अलावा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल तक पहुंच रहा है। अपनी 6 एकड़ गन्ने की खेती के साथ अन्य किसानों से खरीद कर उत्पादन बढ़ाने वाली सोमा हर महीने 80 से 90 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं और क्षेत्र के कई लोगों को रोजगार भी दे रही हैं।
वहीं, अमरोहा जिले के सलेमपुर गोसाईं गांव की अनीता देवी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपनी जिंदगी बदल दी। कभी मजदूरी कर परिवार चलाने वाली अनीता आज “लखपति दीदी” के रूप में जानी जाती हैं। उन्होंने सिलाई कार्य से शुरुआत कर इसे व्यवसाय का रूप दिया और बाद में ‘शक्ति ट्रेडर्स’ के नाम से किराना दुकान भी शुरू की।
सरकारी सहयोग से उन्हें विभिन्न चरणों में आर्थिक सहायता मिली, जिससे उनका व्यवसाय मजबूत हुआ। आज उनकी मासिक आय 40 से 45 हजार रुपये तक पहुंच गई है। इतना ही नहीं, उनके नेतृत्व में 27 समूह सक्रिय हैं, जिनसे जुड़ी करीब 4400 महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। दोनों कहानियां इस बात का प्रमाण हैं कि सही नीति, आर्थिक सहयोग और प्रशिक्षण मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी उद्यमिता में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकती हैं। योगी सरकार की पहल ने न सिर्फ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान और पहचान भी दिलाई है।
