UP : रिटायर्ड विद्युत अधिकारी 43 दिन तक डिजिटल अरेस्ट, ठगे गए 1.18 करोड़
कार्यालय संवाददाता, लखनऊ, अमृत विचार : साइबर जालसाजों ने बिजली विभाग के रिटायर्ड अधिकारी को व्हाट्सएप कॉल कर मनी लांड्रिंग केस में जेल भेजने की धमकी दी। सीबीआई, आरबीआई, न्यायालय, दिल्ली पुलिस व ट्राई अधिकारी बनकर मनी लांड्रिंग के 17 केस दर्ज होने का डर दिखाया। जांच के नाम पर बैंक खातों की जानकारी ली। उन्हें 43 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 1.18 करोड़ रुपये ठग लिए गए। पीड़ित की तहरीर पर साइबर थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इंस्पेक्टर बृजेश कुमार यादव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
गुडंबा के कंचना विहारी मार्ग स्थित अवध एंक्लेव निवासी 71 वर्षीय वीरेंद्र सिंह बिजली विभाग के रिटायर्ड अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर को एक कॉल आयी। फोन के पीछे मौजूद शख्स ने खुद को भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण से संजय शर्मा बताया। बताया कि आपके खिलाफ मनी लांड्रिंग के 17 मामले सीबीआई ने दर्ज किए हैं। मनी लांड्रिंग का नाम सुनकर बुजुर्ग डर गए। उन्हें मनी लांड्रिंग में जल्द गिरफ्तार करने की धमकी दी गयी।
पीड़ित ने खुद को बेगुनाह बताया। इस पर उन्हें कहा गया कि आपके खाते की जांच होगी। अगर सब सही निकला तो आपको क्लीन चिट दी जाएगी वरना आपको मजबूरन गिरफ्तार करना होगा। जाल में फंसाकर करीब एक माह तक बात करते रहे और आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते, निवेश व संपत्ति की जानकारी लेते रहे। इस दौरान एक जालसाज ने खुद को सीबीआई अधिकारी प्रदीप कुमार बनकर वीडियो कॉल पर बात की। बताया कि आपका खाता फ्रीज कर संपत्ति जब्त की जाएगी।
पीड़ित ने कहा कि वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। इस पर जालसाज ने सीबीआई, आरबीआई और न्यायालय अधिकारी बनकर जांच, जमानत व क्लीयरेंस के नाम पर 16 जनवरी 2026 से 27 फरवरी के बीच पांच बार में 1,17,90,000 रुपये ऐंठ लिए। धमकाया कि अगर किसी को कुछ बताया तो उन्हें पकड़ना पड़ेगा। वे लगातार सर्विलांस की नजर पर हैं। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने सोना गिरवी और उधार लेने के लिए भी मजबूर किया। आरोपियों ने कहा कि आप निर्दोष साबित हुए हैं। जमानत के लिए अंतिम भुगतान की मांग की। इसके बाद आरोपियों का नंबर बंद हो गया। शक होने पर वीरेंद्र ने बच्चों को आप बीती बतायी तो साइबर ठगी का पता चला। करीब 1.18 करोड़ की ठगी का एहसास होने पर वीरेंद्र ने 23 मार्च को साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी है।
पांच प्रांतों के खाते में ट्रांसफर हुई रकम
छानबीन में पता चला कि ठगी के 1.18 करोड़ रुपये बिहार, ओडिशा, राजस्थान, इंदौर व गाजियाबाद के खातों में भेजी गयी। जालसाज ने पटना के शिव शक्ति सेरेमिक फर्म, ओडिशा में इंडिया मार्ट की रजिस्टर्ड फर्म सिनोवैक्स, गाजियाबाद के सोनीपाल ई कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड, राजस्थान भिलवाड़ा के गौरव रब व्यास और इंदौर में रोहन चेचन के खाते में रकम ट्रांसफर करायी थी।
इन बातों का रखें ध्यान
- कोई अनजान कॉल कर कहे कि आप किसी मामले में फंस गए हैं, तो घबराएं नहीं।
- कॉल पर पुलिस, एटीएस व सीबीआई समेत अन्य एजेंसियां कभी अरेस्ट नहीं करती हैं।
- बैंक डिटेल्स, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें।
- अगर कोई कॉल कर किसी मामले में फंसने की बात कहता है तो पुलिस से संपर्क करें।
- आपके साथ डिजीटल अरेस्ट का मामला है, तो साइबर अपराध सेल से संपर्क करें।
- अपने डिवाइस में साइबर सुरक्षा सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें और उसे नियमित रूप से अपडेट करें।
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