मां कालरात्रि पूजा: बड़ी काली मंदिर में आज और कल होंगे अर्धनारीश्वर के दुर्लभ दर्शन, रुद्राभिषेक के बाद खोले दिए जाएंगे कपाट
लखनऊ, अमृत विचारः चैत्र नवरात्र के सातवें दिन भक्तों ने देवी के कालरात्रि स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना की। चौक स्थित मठ श्री बड़ी काली जी मंदिर में सुबह से ही दर्शन और पूजन के लिए कतारें लगी रहीं। अष्टमी और नवमी को मंदिर में 2500 वर्ष प्राचीन अष्टधातु से निर्मित अर्धनारीश्वर की दुर्लभ मूर्ति के दर्शन कराए जाएंगे।
मंदिर के महंत स्वामी विवेकानंद गिरी महाराज ने बताया कि मां कालरात्रि नवदुर्गा का सातवां स्वरूप है, जिनका रूप अत्यंत उग्र और भयानक माना जाता है। उनके तीन नेत्र हैं और गले में विद्युत की माला सुशोभित रहती है। श्रद्धालु इस दिन विशेष रूप से मां से भय और संकटों से मुक्ति की कामना करते हैं।
मीडिया प्रभारी अभय उपाध्याय ने बताया कि अष्टमी और नवमी को अष्टधातु से निर्मित अर्धनारीश्वर की दुर्लभ मूर्ति के दर्शन कराए जाएंगे। अष्टमी को सुबह 9 बजे रुद्राभिषेक के बाद मूर्ति की स्थापना कर कपाट खोले दिए जाएंगे। नवमी की रात्रि भोग आरती के पश्चात मूर्ति को पुनः सुरक्षित रख लिया जाएगा। मंदिर की व्यवस्थाओं में मुकुंद मिश्रा, शिवम पंडित, शक्तिदीन अवस्थी, आदर्श महाराज, राहुल, तुषार, देवराज सिंह, दीप प्रकाश, विकास तिवारी, पंकज उपाध्याय सहित अन्य सेवादारों का विशेष सहयोग रहा।
