राम मंदिर में 80 कमांडो तैनात, आधुनिक हथियारों से लैस ATS-PAC संभाल रहे मोर्चा, संदिग्धों पर तुरंत एक्शन का निर्देश
-किसी भी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति के दिखने पर तत्काल दिया जाता निर्देश -सीआरपीएफ की छह कंपनियों के साथ एसएसएफ, पीएसी व पुलिस की त्रि-स्तरीय सुरक्षा
अयोध्या, अमृत विचार। भगवान रामलला के दिव्य मंदिर के साथ रामनगरी की सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत सुदृढ़ की गई है। आधुनिक हथियारों से लैस एटीएस व पीएसी के 80 कमांडों चौबीस घंटे शिफ्टवार तैनात रहते हैं। राम मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश से पूर्व श्रद्धालुओं को त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था से गुजरना पड़ता है। बाहर की सुरक्षा पुलिस व पीएसी के हवाले हैं। मंदिर में प्रवेश के लिए लगे द्वारों पर डोर फ्रेम डिटेक्टर व लगेज स्केनर के माध्यम से चेकिंग की जाती है। यहां पर एसएसएफ व पुलिस के साथ निजी सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं।
यहां से अंदर की सुरक्षा सीआरपीएफ के हवाले हैं, इसके लिए छह कंपनियां तैनात की गई है। राम मंदिर गर्भगृह व परकोटे में बने सभी मंदिरों की सुरक्षा इन्हीं के हवाले है। परिसर में सीआरपीएफ की छह कंपनियों, स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (एसएसएफ), पीएसी और स्थानीय पुलिस की त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था 24 घंटे सक्रिय है। यलो जोन में किसी भी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति के दिखाई देने पर तुरंत संबंधित टीम को निर्देश जारी किया जाता है।
रेड जोन परिसर में राम मंदिर व रामकोट क्षेत्र आता है। सुरक्षा की दृष्टि से यह सबसे संवेदनशील है। इसके बाहर यलो जोन है, इससे होकर ही कोई भी व्यक्ति या वाहन रेड जोन में जा सकता है। इसलिए इस जोन में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहते हैं। यहां जिले, रेंज व प्रदेश से आए पुलिसकर्मियों व पीएसी के जवानों को तैनात किया जाता है। वहीं, राम मंदिर परिसर में बने कमांड सेंटर से रेड व यलो जोन की सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी की जाती है। 35 प्रशिक्षित पुलिसकर्मी चौबीस घंटे मॉनीटर पर नजर गड़ाए रहते हैं। अगर कोई वाहन या व्यक्ति बार-बार आ-जा रहा हो, उसकी गतिविधि संदिग्ध लग रही हो, या कोई वाहन काफी देर से मंदिर परिसर के आसपास खड़ा है तो तत्काल इसकी सूचना वहां तैनात पुलिस अधिकारियों को दी जाती है, वह तत्काल कार्रवाई भी करते हैं।
यही नहीं, कमांड सेंटर से सुरक्षा के साथ भीड़ पर भी नजर रखी जाती है। सरयू स्नान घाट, हाईवे आदि पर भीड़ को देखकर राम मंदिर व हनुमानगढ़ी समेत अन्य प्रमुख मंदिरों पर भीड़ का अनुमान लगा लिया जाता है। इस हिसाब से तत्काल भीड़ प्रबंधन के भी इंतजाम किए जाते हैं।
राम मंदिर पूरे देश की आस्था का केंद्र है। इसलिए इसकी सुरक्षा चाक-चौबंद रखना हमारी प्राथमिकता है। यहां बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था न केवल राम भक्तों को निर्विघ्न दर्शन करने का अवसर प्रदान करती है, बल्कि किसी भी अशांति या खतरे को जड़ से समाप्त करने की क्षमता भी रखती है।-बलरामाचारी दुबे, एसपी सुरक्षा।
