रामनवमी पर CM धामी की सौगात: जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से विमान सेवा शुरु, 1 घंटे में तय होगी पिथौरागढ़-देहरादून की दूरी
पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ के लिए राम नवमी का दिन ऐतिहासिक रहा। पिथौरागढ़ से देहरादून के बीच गुरुवार को विमान सेवा प्रारंभ हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामनवमी के शुभ अवसर पर देहरादून-पिथौरागढ़-देहरादून 42 सीटर विमान सेवा का शुभारंभ किया।
इस नई सेवा के शुरू होने से अब पिथौरागढ़ से देहरादून की दूरी महज एक घंटे में तय की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से सेवा की शुरुआत करते हुए कहा कि यह सुविधा न केवल आम जनता के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।
इससे सीमांत क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहले हवाई यात्रा केवल विशेष वर्ग तक सीमित थी लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई उड़ान योजना के माध्यम से अब आम नागरिक भी सस्ती हवाई सेवाओं का लाभ उठा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उड़ान योजना के तहत छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। हाल ही में योजना के दूसरे चरण को स्वीकृति दी गई है, जिसमें आने वाले वर्षों में नए हवाई अड्डों और हेलीपैड के विकास का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्य उत्तराखण्ड के लिए हवाई सेवाएं जीवन रेखा के समान हैं। इससे आपातकालीन सेवाओं, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान में राज्य में 26 हवाई मार्ग संचालित हो रहे हैं, जबकि राज्य की एयर कनेक्टिविटी योजना के तहत छह मार्गों पर नियमित उड़ानें चल रही हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पिथौरागढ़ हवाई अड्डे के विकास के लिए लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत से कार्य चल रहा है। साथ ही नैनी सैनी हवाई अड्डा के अधिग्रहण हेतु भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और राज्य सरकार के बीच एमओयू भी हस्ताक्षरित किया गया है।
पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने कहा कि इस सेवा के शुरू होने से न केवल आवागमन आसान होगा बल्कि पर्यटन, रोजगार और निवेश के नए अवसर भी खुलेंगे।
पिथौरागढ़ नैनी सैनी हवाई अड्डे पर हवाई सेवा के उतरते ही लोग प्रफुल्लित नजर आये। इस मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए गए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति रही, वहीं स्थानीय लोगों ने इस पहल को सीमांत जनपद के विकास की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम बताया।
