बरेली : पत्नी की क्रूरता को कोर्ट ने माना आधार, आर्मी अफसर का तलाक मंजूर

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Published By Deepak Mishra
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बरेली, अमृत विचार: भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल की ओर वर्ष 2022 में फैमिली कोर्ट में दी गई पत्नी से तलाक की अर्जी को अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय तृतीय ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी ने मंजूर कर लिया। दोनों के मध्य 22 वर्ष पूर्व हुए विवाह को विच्छेदित कर दिया। लेफ्टिनेंट कर्नल ने कोर्ट में अर्जी देकर बताया था कि वह भारतीय सेना में 24 साल से कार्यरत हैं, संयुक्त राष्ट्र मिशन पर भी जा चुके हैं। 3 अक्टूबर 2003 को बरेली के एक होटल में उनकी शादी हुई थी। 

आरोप लगाया कि पत्नी को एमएड करवाया। पत्नी ने कई विद्यालयों में शिक्षण कार्य किया। वर्ष 2004 में एक पुत्र का जन्म हुआ लेकिन पत्नी का शुरू से ही उनके साथ प्रेम व लगाव नहीं था। उसे केवल वेतन व धन में रूचि रहती थी। मांग पूरी न करने पर फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी देती थी। कई बार लाखों रुपये जरूरतों के नाम पर ले ले लिए। माता-पिता के साथ भी अभद्रता करती थी, जिस वजह से मां की सदमे में मौत हो गयी। 

बीमार पिता को साथ रखने पर कहती थी कि पहले अपनी मां के सोने चांदी के जेवरात दिलवाओ, तभी उन्हें घर में रहने दूंगी। सास भी 4 करोड़ रुपये का हर्जाना देने की बात कहकर उसे धमकाती थी। शारीरिक संबंध बनाने के एवज में 2 लाख रुपये की डिमांड करती थी। कोर्ट ने मामले में सुनवाई कर पत्नी की क्रूरता को तलाक अर्जी मंजूर करने का मुख्य आधार माना।

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