बाराबंकी : कटे सिर संग पैशाचिक कृत्य, स्तब्ध कर गया बब्लू हत्याकांड, कमाऊ पूत खोकर सदमे में परिजन
टिकैतनगर/बाराबंकी, अमृत विचार : एक दिन पहले सरयू नदी की तराई में जो भी हुआ उसे पैशाचिक कृत्य की संज्ञा देना गलत न होगा। समय बीतते ही कई नई बातें भी सामने आईं, जिसने हत्यारे की मनोवृत्ति को उजागर कर दिया। जैसे कि वह मामा कहने से बुरी तरह भड़क जाता था, हर समय हाथ में बांका लिए रहता था।
वहीं घर ले जाकर शंकर ने न सिर्फ सिर चूल्हे में जलाया बल्कि उसके चंद हिस्से को नेवाला भी बनाया। दूसरी ओर पोस्टमार्टम के बाद मृतक बब्लू का शव घर पहुंचा तो परिजन चीत्कार उठे। ग्रामीणों में चर्चा व गांव से मिली जानकारी के अनुसार हत्यारा शंकर बहुत ही गुस्सैल प्रवृत्ति का था, परसपुर गोंडा से आए सगे भांजे द्वारा मामा कहे जाने से भड़के शंकर ने उसे बांका लेकर दौड़ा लिया था। परिवार से अलग रहने के साथ ही उसकी किसी से नहीं बनती थी, गांव में रंजिश तो थी ही। वह एक मामले में जेल भी हो आया था।
शनिवार को उसके छप्पर तक पहुंची पुलिस ने जब उससे बब्लू की हत्या का कारण पूछा तो उसने कहा वह किसी बब्लू को नहीं जानता, उसने रामफेर को मारा है। इससे उसकी बिगड़ी मानसिक दशा का प्रमाण मिल गया, पैशाचिक कृत्य यह कि उसने बब्लू की हत्या के बाद सिर काटा और घर ले गया, जहां उसने चावल पकाए और चूल्हे में जले सिर के कुछ हिस्से निकालकर उसे नेवाला बनाया। पूरा गांव उससे बात नहीं करता था।
हत्या प्रकरण में पुलिस ने मृतक के पिता दरियाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम बेहटा निवासी पूर्णवासी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया है। हत्यारोपी शंकर को जेल रवाना कर दिया गया। दूसरी ओर जिला मुख्यालय पर पोस्टमार्टम हाउस अपने बेटे का शव लेने पहुंचे पिता पुर्णवासी राजभर की आंखों में दर्द साफ झलका।
बताया कि घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब होने पर बब्लू को गर्मी के मौसम में आइसक्रीम बेचने की सलाह दी गई। क्या पता था कि यही फैसला उनके बेटे की जान ले लेगा। 55 वर्षीय शंकर यादव ने बांके से हमला कर उसकी हत्या कर दी। खास बात यह कि घटना के समय बब्लू का चचेरा भाई भी उसके साथ था। जिसने पूरी घटना परिजनों को बताई। बब्लू की मौत के बाद उसकी पत्नी और दो मासूम बच्चे बेसहारा हो गए। बब्लू का शव गांव पहुंचा, तो हर आंख नम थी और माहौल गमगीन।
