24 साहित्यकारों को पहनाई पगड़ी और दिए प्रशस्ति पत्र, राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान ने दिए एक-एक लाख रुपये
लखनऊ, अमृत विचार: राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान ने रविवार को सिटी मान्टेसरी स्कूल गोमतीनगर के सभागार में 24 साहित्यकारों को सम्मानित किया। काव्य संग्रह यथार्थ के रचियता सर्वेश कुमार मिश्र को जयशंकर प्रसाद और मुक्ति नाथ झा को महादेवी वर्मा पुरस्कार दिया गया। अपर मुख्य सचिव माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षा डॉ. पार्थ सारथी सेन शर्मा और डॉ. हरिओम ने साहित्यकारों को पगड़ी पहनाकर शॉल ओढ़ाई और एक-एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह भेंट किया।
राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थानउत्तर प्रदेश के वार्षिक पुरस्कार अलंकरण समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद डॉ. शोभा दीक्षित भावना ने वाणी वन्दना की। प्रगति आख्या राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान की महामंत्री डॉ. सीमा गुप्ता ने प्रस्तुत की।
इसके बाद राजेश प्रताप सिंह को पं. महावीर प्रसाद द्विवेदी पुरस्कार, हेमंत द्विवेदी को भगवती चरण वर्मा पुरस्कार, डॉ. राजीव दीक्षित को सुमित्रानन्दन पंत पुरस्कार, सुरेन्द्र सिंह लौर को भारतेन्दु हरिश्चन्द्र पुरस्कार, डॉ. लक्ष्मीकान्त शुक्ल को अमृत लाल नागर पुरस्कार, रामसिंह को डॉ. विद्यानिवास मिश्र पुरस्कार, सुषमा सागर मिश्रा को श्याम सुन्दर दास पुरस्कार, डॉ. वेद्पति मिश्रा को डॉ. शिवमंगल सिंह सुमन पुरस्कार, योगेश पाठक को गयाप्रसाद शुक्ल सनेही पुरस्कार, चन्द्र देव दीक्षित को डॉ. हरिवंश राय बच्चन पुरस्कार, दिनेश कुमार तिवारी को रामधारी सिंह दिनकर पुरस्कार, डॉ. मोहम्मद जुबैर को मिर्जा असद उल्ला खां ग़ालिब पुरस्कार, डॉ. अख्तर रियाज को फिराक गोरखपुरी पुरस्कार, विनोद शंकर शुक्ल विनोद को अमीर खुसरो पुरस्कार, रणविजय सिंह पुलुर को अकबर इलाहाबादी पुरस्कार, कृष्ण स्वरूप सक्सेना को प्रताप नारायण मिश्र पुरस्कार, मुरलीधर मिश्र को शिव सिंह सरोज पुरस्कार, अरुण कुमार गुप्ता को बाल कृष्ण भट्ट पुरस्कार, डॉ. सलीम अहमद को मीर तकी मीर पुरस्कार, डॉ. वंदना को जोश मलिहाबादी पुरस्कार, डॉ. प्रार्थना सिंह को शरत चन्द्र चट्टोपाध्याय पुरस्कार और किल्लाड़ा सत्यनारायणा को सुब्रह्मण्यम् भारती पुरस्कार दिया गया।
इसके अलावा नुसरत अतीक को 11 हजार रुपये का रमनलाल अग्रवाल रम्मन पुरस्कार, 7 हजार रुपये के साहित्य गौरव सम्मान से मीना गौतम, उपमा गुप्ता, बृह्मनाथ और मृगांक श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया। 5 हजार रुपये के साहित्य बंधु पुरस्कार से राम श्रृंगार दुबे और प्रताप नारायण मिश्र को सम्मानित किया गया। काव्य पाठ में प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम, डॉ. कलीम कैसर और अविनाश त्रिपाठी आदि साहित्यकार शामिल हुए।
