UP: मुस्तफाबाद पर्यटन गेट की बादशाहत कायम, चार माह में 16716 सैलानी
पीलीभीत, अमृत विचार। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के तीसरे नए बराही पर्यटन गेट को खोलने से पूर्व माना जा रहा है कि टाइगर रिजर्व में आने वाले सैलानियों की संख्या में खासा इजाफा होगा, मगर इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। पर्यटन सत्र के शुरूआती चार माह की बात करें तो मुस्तफाबाद गेट सैलानियों को अपनी ओर खींचने में नंबर वन साबित रहा है। इस गेट के माध्यम से चार माह में 16716 सैलानी टाइगर रिजर्व में आ चुके हैं। जबकि नया बराही गेट से बीते चार माह में महज 2244 सैलानी ही टाइगर रिजर्व पहुंचे हैं। यह दीगर बात है कि टाइगर रिजर्व प्रशासन को इस नए पर्यटन गेट को संचालित करने के लिए अन्य पर्यटन गेटों के बराबर ही संसाधन जुटाने पड़ रहे हैं।
टाइगर रिजर्वों में भ्रमण के लिए जाने वाले अधिकांश सैलानी प्रकृति को करीब से देखने के साथ ही बाघ का दीदार करने की इच्छा लेकर पहुंचते हैं। मगर, अधिकांश टाइगर रिजर्वों में सैलानियों को बिना बाघ देखे ही मायूस होकर लौटना पड़ता है। हालांकि पीलीभीत टाइगर रिजर्व इस मामले में अन्य टाइगर रिजर्वों से कुछ अलग स्थान रखता है। यहां बीते वर्ष 01 नवंबर से पर्यटन सत्र की शुरुआत की गई थी। सैलानियों की सुविधाओं को बढ़ाते हुए इस बार तीसरे नए बराही पर्यटन गेट को भी खोला गया। टाइगर रिजर्व के नए पर्यटन सत्र की शुरूआत भी इस बार नए बराही गेट से ही की गई।
माना जा रहा था कि बराही गेट से खुलने से प्रदेश की राजधानी लखनऊ की ओर से आने सैलानियों को राहत मिलेगी, साथ ही पीलीभीत टाइगर रिजर्व में आने वाले सैलानियों की संख्या में खासी इजाफा हो सकेगा। नए बराही गेट पर बुकिंग काउंटर स्थापित करने के साथ सफारी वाहन मुहैय्या कराते हुए अन्य व्यवस्थाएं चुस्त दुरुस्त की गई। इधर बीते 28 फरवरी तक टाइगर रिजर्व के पर्यटन सत्र के पूरे चार माह पूरे हो चुके हैं। इन चार माह में टाइगर रिजर्व के तीन पर्यटन गेटों में से मुस्तफाबाद गेट सबसे ज्यादा सैलानियों को अपनी ओर खींचने में सफल रहा। मुस्तफाबाद गेट से 16716 सैलानी टाइगर रिजर्व पहुंचे। वहीं इस मामले में नया बराही गेट सबसे फिसड्डी साबित हो रहा है। इस गेट के माध्यम से महज 2244 सैलानी ही टाइगर रिजर्व में पहुंचे हैं।
118 दिन के पर्यटन में 21687 सैलानियों ने दी पीटीआर में दस्तक
टाइगर रिजर्व प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटन सत्र की शुरूआत बीते वर्ष 01 नवंबर से हुई थी। माह नवंबर की बात करें तो 01 नवंबर से 30 नंवबर के बीच 5294 देशी एवं विदेशी सैलानियों ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व पहुंचकर जंगल सफारी के साथ बाघ समेत अन्य वन्यजीवों के दीदार किए। वहीं बीते दिसंबर में 7124 देशी-विदेशी और माह जनवरी में 6041 देशी-विदेशी सैलानी यहां पहुंचे थे। वहीं 01 फरवरी से 28 फरवरी के बीच 3228 देशी एवं विदेशी सैलानियों ने टाइगर रिजर्व पहुंचकर प्रकृति को करीब से निहारा और बाघ समेत अन्य वन्यजीवों के दीदार किए।
149 विदेशी सैलानी भी कर चुके हैं सैर
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में देश के कोने-कोने से सैलानी तो पहुंच ही रहे हैं, वहीं विश्व पटल पर अपनी पहचान बनाने की ओर अग्रसर पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रति विदेशी सैलानियों का क्रेज भी बढ़ता नजर आ रहा है। 118 दिन के पर्यटन सत्र के दौरान 149 विदेशी सैलानी यहां आ चुके हैं। खास बात यह है कि टाइगर रिजर्व के पर्यटन सत्र के पहले माह में ही 73 विदेशी सैलानी पहुंचे थे। हालांकि इसके बाद विदेशी सैलानियों की आमद में खासी गिरावट देखी जा रही है। विदेशी सैलानियों की संख्या में कमी को पर्यटन नियमों में सख्ती से जोड़कर देखा जा रहा है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि पीटीआर में वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ ही सैलानियों की सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि इन दिनों सैलानियों की संख्या में मामूली कमी देखी जा रही है। मगर, आने वाले दिनों में सैलानियों की संख्या में और भी इजाफा होने की उम्मीद है।
