कॉलेज का पहला दिन : नए माहौल में नई शुरुआत
मेरा नाम दिव्या सिंह है। मैंने विवेकानंद बालिका इंटर कॉलेज से 12 वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद बीसीए कोर्स में एडमिशन लिया। मेरे लिए सबसे खास बात यह रही कि मुझे सीधे कानपुर यूनिवर्सिटी में प्रवेश मिला। यह मेरे जीवन का एक नया और महत्वपूर्ण अनुभव था। कॉलेज का पहला दिन मेरे लिए उत्साह और थोड़ी घबराहट दोनों लेकर आया। स्कूल का माहौल काफी अलग होता है, जहां सब कुछ जाना-पहचाना होता है, लेकिन यूनिवर्सिटी का माहौल बड़ा और नया था। मैं पहले केवल एडमिशन के समय ही वहां गई थी, इसलिए पहले दिन सब कुछ नए जैसा लग रहा था।
यूनिवर्सिटी का कैंपस काफी बड़ा और सुंदर है। वहां अलग-अलग कोर्स पढ़ने वाले बहुत सारे छात्र-छात्राएं आते हैं। मुझे यह देखकर अच्छा लगा कि यहां पढ़ाई के साथ-साथ आगे बढ़ने के कई मौके भी मिलते हैं। मैंने बीसीए कोर्स चुना था, क्योंकि मुझे कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी में रुचि है। पहले दिन हमारी क्लास में पढ़ाई शुरू नहीं हुई, बल्कि सबसे पहले हम सबका परिचय कराया गया। टीचर्स ने हमसे कहा कि यह हमारे जीवन की एक नई शुरुआत है और हमें इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने यह भी समझाया कि हमें एक-दूसरे को जानना चाहिए और साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।
मेरे लिए यह दिन थोड़ा अलग इसलिए भी था, क्योंकि मेरे साथ स्कूल का कोई दोस्त नहीं था। मैं अकेली ही यूनिवर्सिटी गई थी। शुरुआत में थोड़ा डर और झिझक महसूस हुई, खासकर जब आसपास नए लोग थे, लेकिन धीरे-धीरे मुझे समझ आया कि हर किसी की शुरुआत ऐसे ही होती है। एक लड़की होने के नाते कई बार मन में संकोच भी आता है, लेकिन अगर हमें आगे बढ़ना है, तो इस डर को छोड़ना जरूरी है। मैंने सोचा कि मुझे नई चीजें सीखनी हैं और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना है। पहले दिन मैंने नए लोगों से बात की, कैंपस को समझा और अपनी नई पढ़ाई की शुरुआत की। यह दिन मेरे लिए यादगार बन गया। इसने मुझे सिखाया कि हर नई शुरुआत थोड़ी मुश्किल होती है, लेकिन अगर हम हिम्मत रखें तो सब आसान हो जाता है।-- दिव्या सिंह
