यूपी में फार्मा सेक्टर की नई उड़ान: UPSIDA -JNPA के साथ MoU से ललितपुर पार्क बनेगा एक्सपोर्ट हब
कानपुर। उत्तर प्रदेश को फार्मास्यूटिकल विनिर्माण के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण (जेएनपीए) के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता ललितपुर फार्मा पार्क को वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह एमओयू यूपीसीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय किरण आनंद और जेएनपीए के अध्यक्ष गौरव दयाल के बीच हुआ।
इसका उद्देश्य उत्तर भारत के औद्योगिक क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से निर्बाध रूप से जोड़ना है। समझौते के तहत दादरी-खुर्जा रेल लिंक के जरिए ललितपुर फार्मा पार्क को पश्चिमी और पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। इससे दवाओं और संबंधित उत्पादों का तेज, सुरक्षित और किफायती परिवहन संभव होगा। यह नेटवर्क सीधे जेएनपीए पोर्ट से जुड़ेगा, जो देश का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह है और 200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों से कनेक्टिविटी रखता है।
यूपीसीडा के सीईओ विजय किरण आनंद ने कहा कि यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन का हिस्सा है, जिसमें उत्तर प्रदेश को फार्मा और हेल्थ सेक्टर में अग्रणी बनाना शामिल है। इससे निवेशकों को विश्वस्तरीय लॉजिस्टिक्स सुविधाएं मिलेंगी और उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी। इस पहल के तहत फार्मा इकाइयों को कच्चे माल के आयात और तैयार उत्पादों के निर्यात के लिए बेहतर लॉजिस्टिक्स सपोर्ट मिलेगा, जिससे निर्यात-आयात गतिविधियों में तेजी आएगी।
तकनीकी और परिचालन सहयोग के जरिए उद्योग, लॉजिस्टिक्स कंपनियों और अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा मिलेगा। ललितपुर फार्मा पार्क, औद्योगिक कॉरिडोर के निकट स्थित होने के कारण, वैश्विक शिपिंग मार्गों से जुड़कर निर्यात-उन्मुख विनिर्माण को नई गति देगा। यह पहल न केवल औद्योगिक विकास को तेज करेगी, बल्कि रोजगार सृजन और निवेश आकर्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
