मुख्यमंत्री योगी बोले- जो माफिया मिट्टी में मिले वो 'सालार मसूद' की विचारधारा से थे

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Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सालार मसूद किसी माफिया से कम नहीं था और अभी जो माफिया मिट्टी में मिले हैं, वो उसी विचारधारा से आते हैं। उसने हमारे मंदिर तोड़े थे। महाराज सुहेल देव ने सालार मसूद को मारकर जनता को दासता से मुक्त कराया था। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ऐसे वीर नायकों के जीवन पर आधारित नाटकों का निर्माण और मंचन स्कूलों व कॉलेजों में होना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी उनके इतिहास और योगदान से अवगत हो सके।

लखनऊ में रविवार को भारतेंदु नाट्य अकादमी के संपूर्ण भवन एवं दो प्रेक्षागृहों का लोकार्पण समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जहां सालार मसूद को मारा गया था। वहां उसके नाम से मेला लगता था, लेकिन महाराजा सुहेलदेव का नाम कोई नहीं लेता था। भारतीय समाज ने उन्हें भुला दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक हजार साल बाद पीएम मोदी ने उन्हें सम्मान दिलाया। हमारी सरकार ने वहां उनके नाम पर आयोजन शुरू किए। आज सालार मसूद के मेले से ज्यादा भीड़ वहां जुटती है।

उन्होने कहा कि जब शासन संवेदनशील नहीं होता, तब वैसी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं जैसी आनंदमठ की नाट्य प्रस्तुति में देखने को मिलती हैं। उन्होंने भारतीय रंगमंच और सिनेमा की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के दौर में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां समाज को दिशा देने का कार्य कर रही हैं। इस दौरान सीएम ने भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के नाटकों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में ऐतिहासिक विषयों पर आधारित नाटकों का मंचन होना चाहिए।

उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई और महाराजा सुहेलदेव जैसे वीर नायकों के जीवन से नई पीढ़ी को प्रेरणा लेने की बात कही। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से लोगों के बचाव के लिए लॉकडाउन लगा। कामगार जब घरों को लौटे तब सरकार उनके साथ खड़ी। उनको न सिर्फ घर पहुंचाया बल्कि उन्हें निशुल्क राशन भी उपलब्ध कराया। जब सरकार संवेदनशील नहीं होती तब वैसी स्थिति होती है, जैसा हमने 'आनंद मठ' नाटक की प्रस्तुति में देखा। 

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