पश्चिम बंगाल चुनाव : कूचबिहार में ममता सरकार के खिलाफ गरजे पीएम मोदी, कहा- कानून-व्यवस्था का जनाजा निकालने पर तुली है TMC

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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कूच बिहार। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनाव अभियान के दौरान महिला सुरक्षा और महिलाओं के सशक्तिकरण का मुद्दा जोर शोर से उठाया। उन्होंने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर ममता सरकार के खिलाफ आक्रामक रूख अपनाते हुए कहा कि इस चुनाव में सत्ता परिवर्तन के बाद जनता को लूटने वालों से हिसाब लिया जाएगा। 

पीएम मोदी ने कूच बिहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा ,"भाजपा सरकार आएगी तो महिलाओं के लिए सच्चे सशक्तिकरण का रास्ता खुलेगा और यह हमारा ट्रैक रिकॉर्ड है।" उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल की हर बहन बेटी के सम्मान और समृद्धि के लिए मैदान में उतरी है। 

मोदी ने कहा कि यह बहुत आवश्यक है कि देश के लिए होने वाले फैसलों में महिलाओं की भूमिका बढ़ रही है इसीलिए उनकी सरकार ने लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का कानून बनाया है। पश्चिम बंगाल सहित देश भर की बहनों को 2029 के लोकसभा चुनाव से ही इसका फायदा मिलने लगेगा, उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास में लगी है। 

उन्होंने लोकसभा सीटों के परिसीमन में दक्षिण के राज्यों को सीटों में घाटा होने की विपक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए कहा," मैं कूच बिहार के इस मंच से देश के सभी राज्यों को फिर याद दिलाता हूं कि जिन भी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में अच्छा काम किया है उनको सीटों के विषय में कोई नुकसान नहीं होगा,सभी का फायदा ही होगा।" 

प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण अधिनियम के लागू होने के बाद सभी राज्यों की भागीदारी और सबके अधिकार सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा," हम संसद में इस पर पक्का ठप्पा लगाना चाहते हैं कि महिलाओं के लिए अतिरिक्त सीटें बढ़े ताकि राज्यों को इसका बड़ा फायदा मिले।"

मोदी ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार बंगाल में कानून व्यवस्था में पूरी तरह विफल रही है और तृणमूल ने राज्य को पीछे धकेल दिया है। एक समय ऐसा था जब बाहर से लोग यहां रोजगार के लिए आते थे लेकिन इस सरकार ने बंगाल को पलायन का केंद्र बना दिया है। 

उन्होंने कहा कि एक समय था जब पश्चिम बंगाल देश के सबसे विकसित राज्यों में था। व्यापार हो उद्योग हो या समग्र विकास, पश्चिम बंगाल सबसे आगे रहा करता था लेकिन विपरीत नेतृत्व के चलते राज्य पिछड़ता गया, पहले कांग्रेस ने इसे पीछे धकेल फिर वामपंथी आए और अब वही काम तृणमूल कांग्रेस कर रही है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में स्थिति इतनी बुरी है कि उच्चतम न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ रहा है। पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसंख्या के स्वरूप के बदलाव का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि घुसपैठ के चलते इन क्षेत्रों में स्थिति में खतरनाक बदलाव आया है। घुसपैठियों को तृणमूल कांग्रेस का सीधा संरक्षण मिलता है, उन्हें यह पार्टी सीधे अपनी सिंडिकेट में भर्ती करती है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के लोग मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का विरोध कर रहे हैं ।इस पार्टी के लोग नागरिकता संशोधन अधिनियम को रद्द करने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने कहा," जिन शरणार्थी हिंदुओं को नागरिकता मिली है यह लोग उनकी नागरिकता छीनेंगे और यह नागरिकता घुसपैठियों को देंगे क्योंकि तृणमूल कांग्रेस घुसपैठियों को अपना वोट बैंक मानती है।" 

कानून-व्यवस्था का जनाजा निकालने पर तुली हुई है TMC

प्रधानमंत्री बुधवार रात मालदा के कालियाचक-दो ब्लॉक कार्यालय में हुई घटना का उल्लेख कर रहे थे, जहां विशेष गहन पुनरीक्षण कवायद के दौरान तैयार की गई मतदाता सूची के मसौदे में "विचाराधीन" के रूप में चिह्नित नामों पर सुनवाई के दौरान तीन महिलाओं सहित सात न्यायिक अधिकारियों का भीड़ ने कई घंटों तक घेराव किया था। उन्होंने कहा, "मालदा में जो हुआ वह तृणमूल कांग्रेस के महाजंगलराज का उदाहरण है'', और आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी राज्य में "कानून-व्यवस्था का जनाजा निकालने पर तुली हुई है।'' 

मोदी ने इस चुनावी मुकाबले को दो पक्षों में बांटने की कोशिश की। उन्होंने कहा, ''एक तरफ तृणमूल कांग्रेस का 'भय' है और दूसरी तरफ आपके पास भाजपा का 'भरोसा' है। एक तरफ तृणमूल के भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी का भय है और दूसरी तरफ भाजपा है, जो विकास को गति देती है।'' प्रधानमंत्री ने बंगाल में घुसपैठ और विदेशियों के बसने के भय की तुलना भाजपा के घुसपैठ रोकने और घुसपैठियों को बाहर निकालने के भरोसे से की।

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