अमृत सरोवर निर्माण में यूपी बना राष्ट्रीय मॉडल, देश के कुल अमृत सरोवरों में 30% अकेले यूपी में विकसित
-19 हजार से अधिक अमृत सरोवरों का कराया निर्माण और पुनरुद्धार -अभियान में गोरखपुर जिला सबसे आगे
लखनऊ, अमृत विचार: जल संरक्षण और ग्रामीण विकास की दिशा में उत्तर प्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना के तहत योगी सरकार ने प्रदेश में 19 हजार से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण और पुनरुद्धार पूरा कर लिया है। ग्राम्य विकास विभाग के अनुसार, देशभर में बने कुल अमृत सरोवरों में लगभग 30 प्रतिशत अकेले उत्तर प्रदेश में विकसित किए गए हैं।
प्रदेश में अब तक 19,978 अमृत सरोवर तैयार किए जा चुके हैं। इस अभियान में गोरखपुर जिला सबसे आगे है, जहां 735 सरोवरों का निर्माण हुआ है। महाराजगंज 601 सरोवरों के साथ दूसरे और प्रयागराज 525 सरोवरों के साथ तीसरे स्थान पर है। सरकार का दावा है कि इस अभियान से जल संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण को भी नई मजबूती मिली है।
अमृत सरोवर योजना के तहत तैयार किए गए जलाशय केवल जल संचयन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्हें ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा गया है। वर्षा जल संचयन बढ़ने से भूजल स्तर में सुधार हो रहा है और किसानों को सिंचाई में मदद मिल रही है। इससे कृषि आधारित आजीविका को भी सहारा मिला है।
सरकार ने प्रत्येक अमृत सरोवर को न्यूनतम एक एकड़ क्षेत्र में विकसित किया है। इनकी जल क्षमता लगभग 10 हजार क्यूबिक मीटर रखी गई है। सरोवरों के आसपास टहलने के लिए पक्के रास्ते, बैठने के लिए बेंच, लाइटिंग और पौधरोपण की व्यवस्था भी की गई है।
मनरेगा से जुड़कर गांवों में बढ़ा रोजगार
योगी सरकार ने अमृत सरोवर योजना को मनरेगा से जोड़कर ग्रामीण रोजगार का बड़ा माध्यम बनाया है। सरोवरों की खुदाई, गाद निकासी और सुंदरीकरण कार्य में बड़ी संख्या में ग्रामीणों को रोजगार मिला।
