बहराइच में करोड़ों की टैक्स चोरी का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार
बहराइचः उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के विशेष जांच दल ने फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सहायक आयुक्त राज्य कर अधिकारी खंड-2 बहराइच संदीप कुमार सिंह द्वारा 25 अगस्त 2025 को दी गई तहरीर के आधार पर मामले में थाना कोतवाली नगर में धारा 318(4), 319(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था।
तहरीर में आरोप लगाया गया था कि "मीना इंटरप्राइजेज" समेत अन्य फर्मों के जरिए आम लोगों को लोन दिलाने के नाम पर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज लेकर फर्जी तरीके से कंपनियों का पंजीकरण कराया जाता था। जब पुलिस ने इस संबंध में अपनी जांच को आगे बढ़ाया तो सामने आया कि आरोपी इन फर्जी फर्मों के माध्यम से वास्तविक व्यापार किए बिना ही कागजी लेनदेन दर्शाते थे और फर्जी बिल तैयार कर बड़ी मात्रा में इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लेते थे।
इसके बाद यह फर्जी आईटीसी अन्य कंपनियों को उपलब्ध कराकर टैक्स चोरी भी कराते थे, जिससे कारण सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया।इन मामलों में की जा रही विवेचना के दौरान बाराबंकी निवासी शुभम गुप्ता तथा सीतापुर निवासी नेक आलम का नाम प्रकाश में आया। इसके बाद पुलिस ने मामले में धारा 338, 336(3) और 340(2) बीएनएस की बढ़ोतरी करते हुए एसआईटी (जीएसटी) टीम अपराध शाखा बहराइच ने रविवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने सुनियोजित तरीके से कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर कई बोगस कंपनियां स्थापित की थीं। इन कंपनियों के माध्यम से बिना किसी वास्तविक कारोबार के करोड़ों रुपये का काल्पनिक लेनदेन दिखाया गया और फर्जी बिलों के जरिए अवैध आईटीसी हासिल किया गया। इस संबंध म थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि इस पूरे फर्जीवाड़े से सरकारी राजस्व को कुल 10 करोड़ 23 लाख 66 हजार 540 रुपये की क्षति पहुंचाई गई है।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से मीना इंटरप्राइजेज, छैल ट्रेडर्स और रतन इंटरप्राइजेज से संबंधित फर्जी दस्तावेज, एक डेल कंपनी का लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, छह एटीएम कार्ड तथा एक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसआईटी (जीएसटी) के निरीक्षक इन्द्रभानु राय, उपनिरीक्षक अभिलाख सिंह, अश्वनी पाण्डेय एवं हरिनाथ सिंह शामिल रहे।अन्य संभावित आरोपियों और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
