कानपुर : 800 बच्चों को कैंसर व थैलेसीमिया से बचाव के प्रति किया जागरूक
कानपुर, अमृत विचार। कल्यानपुर स्थित वुड वाइन गार्डेनिया स्कूल में विश्व स्वास्थ्य दिवस पर मंगलवार को 800 बच्चों को सर्वाइकल कैंसर व थैलेसीमिया की रोकथाम, एनीमिया व पीसीओएस जैसी बीमारियों से बचाव की जानकारी दी गई। इससे होने वाली गंभीर बीमारी, शुरुआती संकेत, भविष्य में होने वाली जटिलताओं और लक्षण की जानकारी देकर बच्चों को जागरूक किया।
सर्वाइकल कैंसर व थैलेसीमिया अवेयरनेस क्विज में 65 बच्चों में विजेता को कैंसर से बचाव के लिए निशुल्क वैक्सीन लगाई जाएगी। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष व प्रोफेसर डॉ.नीना गुप्ता ने विन अगेन सर्वाइकल कैंसर (डब्ल्यूएसीसीए प्राजेक्ट) के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
डॉ. नीना गुप्ता ने बताया कि 09 वर्ष से लेकर 14 वर्ष की बच्चियों के लिए सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी वैक्सीन अत्यंत प्रभावी है। 15 से 26 वर्ष तक की लड़कियां व महिलाएं भी इस वैक्सीन को लगवा सकती है।वैक्सीन एसपीवी संक्रमण के खिलाफ 93-100 फीसदी तक असरदार है। लड़कियों को टीकाकरण के महत्व को समझाना और जागरूक करना आवश्यक है।

इसके बाद उन्होंने लड़कियों व महिलाओं में होने वाली खून की कमी के लक्षण बताए। बचाव के लिए आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ में पालक, गुड़, खजूर, अनार, दालें, फल व हरी सब्जियों का सेवन अधिक करने और फास्ट फूड व जंक फूड से दोस्ती न के बराबर करने की जानकारी दी। लड़कियों व महिलाओं में होने वाली पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) प्रबंधन के बारे में बताया। मीठे व प्रोसेस्ड फूड से बचाव की सलाह दी।
कहा कि इन सबके साथ ही थैलेसीमिया की बीमारी की रोकथाम भी बहुत जरूरी है। क्योंकि यदि माता-पिता दोनों को थैलेसीमिया माइनर है, तो बच्चे को थैलेसीमिया मेजर होने का उच्च जोखिम होता है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह व जेनेटिक काउंसलिंग अनिवार्य है। विवाह से पहले थैलेसीमिया माइनर की जांच बहुत जरूरी है।
कार्यक्रम में हुए क्विज में स्वरा त्रिपाठी, वाणी गौतम व अरनव गौतम विजेता रहे, जिनको मेडिकल कॉलेज के विशेष प्रयास से सर्वावेक कंपनी द्वारा फ्री एचपीवी वैक्सीनेशन करवाया जाएगा। इस दौरान प्राधानाचार्य सुष्मिता मुखर्जी, कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर ज्ञानेंद्र मिश्रा आदि रहे।
