रील्स की लत बन रही दिल-दिमाग की सबसे बड़ी दुश्मन! विशेषज्ञों की चेतावनी, स्क्रीन टाइम घटाओ, वरना पड़ेगा भारी
लखनऊ, अमृत विचार : मोबाइल और कंप्यूटर का अत्यधिक इस्तेमाल तो सेहत के लिए नुकसानदेह है ही, रील्स देखने की लत इससे कहीं अधिक घातक है। ये दिल, दिमाग के साथ स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर रही है। बढ़ता स्क्रीन टाइम, आरामतलबी के अलावा व्यायाम, योग की कमी और फास्ट फूड का सेवन खराब स्वास्थ्य के प्रमुख कारण बन रहे हैं, जबकि पारंपरिक भारतीय भोजन स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी है। ये जानकारी केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने मंगलवार को स्वास्थ्य जागरूकता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में दी।
डॉ. सूर्यकांत ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि दुनिया की 10 प्रमुख बीमारियां आज सबसे बड़ा खतरा बन गई हैं। इनमें दिल और सांस संबंधी रोग, ब्रोंकस लंग कैंसर, अल्जाइमर व डिमेंशिया, डायरिया, डायबिटीज, लीवर और किडनी की बीमारियां शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कुल मौतों के प्रमुख कारणों में सात गैर-संचारी रोग हैं। ये 38 प्रतिशत मरीजों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि देश में लगभग 10 करोड़ लोग हाइपरटेंशन और हृदय रोगों से पीड़ित हैं, जबकि इतनी ही संख्या में लोग सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं। करीब 10 करोड़ लोग डायबिटीज की चपेट में हैं और हर साल लगभग सात लाख नए कैंसर मरीज सामने आ रहे हैं। टीबी के मामलों में भी भारत की हिस्सेदारी विश्व में सबसे अधिक है। मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी स्थिति गंभीर है, जहां हर तीन में से एक व्यक्ति किसी न किसी मानसिक समस्या से प्रभावित है। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानन्द ने कहा कि विज्ञान का उपयोग स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से प्रतिदिन स्क्रीन टाइम कम करने और कम से कम एक घंटा खेल-कूद व व्यायाम के लिए निकालने की अपील की। इस अवसर पर विभाग के कई चिकित्सक, जूनियर डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और मरीजों के तीमारदार भी उपस्थित रहे।
डिहाइड्रेशन से बचाव को खीरा, खरबूज और तरबूज खाएं
डॉ. सूर्यकांत ने गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए उन्होंने डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए खीरा, खरबूज और तरबूज जैसे फलों का अधिक सेवन करने की सलाह दी। साथ ही कोल्डड्रिंक और पैकेज्ड जूस की जगह मठ्ठा, लस्सी, शिकंजी, नारियल पानी, बेल का शरबत और गन्ने का रस जैसे देशी पेय अपनाने पर जोर दिया। सत्तू को भी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताया।
स्वस्थ जीवन के लिए सुझाव
विशेषज्ञों ने अधिक से अधिक पौधारोपण करने, धूम्रपान व नशीले पदार्थों से दूरी बनाने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाने और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन अपनाने की सलाह दी। साथ ही पैदल चलने और साइकिल चलाने को दिनचर्या में शामिल करने पर जोर दिया गया। स्वच्छ ईंधन का उपयोग, प्लास्टिक से परहेज और पारंपरिक भोजन के साथ योग व व्यायाम को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की भी अपील की गई।
