यूपी में शीतकालीन अवकाश में किया SIR, गर्मियों में जनगणना की जिम्मेदारी; कार्य के बोझ से परेशान शिक्षक कर रहे EL की मांग

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

लखनऊ, अमृत विचार : प्राथमिक शिक्षकों का शीतकालीन अवकाश एसआईआर ड्यूटी में बीत गया, जबकि अब ग्रीष्मावकाश में उन्हें जनगणना कार्य में लगाया जा रहा है। सरकारी योजनाओं में लगातार व्यस्त रहने से शिक्षकों का अवकाश केवल कागजों तक सीमित रह गया है।

शिक्षकों का कहना है कि अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह उन्हें भी अर्जित अवकाश (ईएल) का लाभ मिलना चाहिए। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने कहा कि ग्रीष्मावकाश में भी विभागीय गतिविधियां संचालित कर दी जाती हैं, जिससे शिक्षकों को अवकाश का वास्तविक लाभ नहीं मिल पाता।

उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में शीतकालीन अवकाश के दौरान शिक्षकों की ड्यूटी एसआईआर कार्य में लगा दी गई थी, जबकि अब ग्रीष्मावकाश में जनगणना का कार्य प्रस्तावित है। इससे शिक्षकों में असंतोष और आक्रोश बढ़ रहा है। शिक्षकों का मानना है कि यदि उन्हें अर्जित अवकाश की सुविधा दी जाए तो उनके कार्यजीवन में सुधार होगा और मानसिक तनाव भी कम होगा।

एकेडमिक रिसोर्स पर्सन्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रताप शाही ने कहा कि जिस प्रकार राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस और प्रशासनिक सेवाओं के कर्मचारियों को अर्जित अवकाश, आकस्मिक अवकाश सहित अन्य सुविधाएं मिलती हैं, उसी प्रकार शिक्षकों को भी ये सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए।

 ये भी पढ़ें :
यूपी में एआई दक्ष बनेंगे 15 हजार से अधिक शिक्षक-छात्र, राज्य सरकार की साधना सप्ताह का अंतिम दिन आज

 

संबंधित समाचार