लोहिया का लीवर पॉप एप करेगा नवजात में लीवर रोग पहचान, बाल रोग विभाग ने तैयार किया एआई आधारित मोबाइल एप

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Published By Muskan Dixit
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डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में विकसित देश के पहले एप का आज होगा लोकार्पण

लखनऊ, अमृत विचार : डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के बाल रोग विभाग ने नवजात शिशुओं में लीवर संबंधी गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान के लिए एआई आधारित मोबाइल एप विकसित किया है। देश के पहले एआई आधारित इस एप को ‘लीवर पॉप’ नाम दिया गया है। ये एप मल (स्टूल) के रंग के विश्लेषण से बाइलरी विकारों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग में मदद करेगा, जिससे समय पर सटीक उपचार संभव हो सकेगा।

संस्थान के प्रवक्ता डॉ. भुवन चन्द्र तिवारी ने बताया कि ‘लीवर पॉप’ एप का लोकार्पण बुधवार को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नवजात शिशुओं में लीवर व पित्त नली (बाइलरी) संबंधी बीमारियों की देर से पहचान गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है। ये एप तीमारदारों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए एक सरल, प्रभावी और निःशुल्क समाधान प्रदान करेगा।विशेषज्ञों का मानना है कि यह एप बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और नवजात शिशुओं में लीवर रोगों की समय पर पहचान कर उनकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाएगा।

ऐसे कर सकते हैं एप का उपयोग

डॉ. भुवन ने बताया कि एप का उपयोग बेहद आसान है। कोई भी व्यक्ति नवजात के स्टूल के रंग की फोटो लेकर इसके माध्यम से प्रारंभिक संकेत प्राप्त कर सकता है, जिससे समय पर चिकित्सकीय परामर्श लिया जा सके। एप काे 40 भाषाओं में तैयार किया गया है। 22 भारतीय और 18 विदेशी भाषाएं शामिल होने से देश-विदेश में अधिक से अधिक लोगों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी।

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