क्रय केंद्र प्रभारी ही कर देंगे किसानों की उपज का सत्यापन, नहीं लगाने पड़ेंगे तहसील के चक्कर, जानें नियम

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Published By Muskan Dixit
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पहले गेहूं बेच चुके किसानों का होगा स्वत: सत्यापन

लखनऊ, अमृत विचार : गेहूं बेचने के लिए अब किसानों को अब तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नया पंजीयन कराने वाले किसानों की उपज का सत्यापन गांव के आसपास खुले केंद्रों पर प्रभारी ही कर देंगे। पिछले वर्ष क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले किसानों का सत्यापन ऑटोमेटिक ई-खसरा पड़ताल से हो जाएगा। उन्हें भी भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।

रबी विपणन वर्ष 2026-27 की क्रय नीति में कृषि उपज का सत्यापन कराने की कोई मात्रा भी निर्धारित नहीं की गई है। किसानों के पास जो उपज है उतनी सत्यापित कराकर बेच सकेंगे। पिछले वर्षों में खरीद का सत्यापन एसडीएम पोर्टल से कराना पड़ रहा था। वहां से स्वीकृति मिलने में समय लगता था, आवेदन लंबित रहते थे। इस कारण किसानों को क्रय केंद्र पर बिक्री करने में देरी हो जाती थी। किंतु अब क्रय केंद्रों के प्रभारी ही उपज का सत्यापन कर देंगे।

डिप्टी आरएमओ विपुल सिन्हा ने बताया कि इस बार जिले में 43 गेहूं केंद्र खोले गए हैं। इनमें 15 जून तक सुबह 9 से शाम 6 बजे तक प्रति क्विंटल 2585 रुपये में गेहूं की खरीद की जाएगी। केंद्रों को खरीद का लक्ष्य नहीं दिया गया है। अभी तक 1400 किसान गेहूं बेचने के लिए पंजीयन करा चुके हैं। 6 अप्रैल तक आठ केंद्रों पर 10 किसानों ने 330 क्विंटल गेहूं बेचा है। किसान केंद्रों पर गेहूं की बिक्री कर समर्थन मूल्य का लाभ उठाएं।

केंद्र पर देना होगा उतराई-छनाई का पैसा

डिप्टी आरएमओ ने बताया कि किसानों को उतराई-छनाई के एवज में 20 रुपये प्रति क्विंटल क्रय केंद्र पर देने होंगे। ये अतिरिक्त धनराशि किसानों के खातों में गेहूं खरीद भुगतान के साथ भेज दी जाएगी।

बारिश का असर, नमी से नहीं हुई आवक

बारिश की वजह से गेहूं की कटाई प्रभावित है और गेहूं भीगने से नमी भी आई है। गेहूं को सुखाने में समय लगेगा। इस वजह से केंद्रों पर आवक नहीं हो रही है। केंद्रों पर 12 फीसद या उससे कम नमी का गेहूं खरीदने का मानक है। अभी बिक्री के लिए आए गेहूं में 13 फीसद तक नमी पाई गई।

ये भी जानें नियम

केंद्र का समय - सुबह 9 से शाम 6 बजे तक

समर्थन मूल्य - 2585 रुपये प्रति क्विंटल

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