Kerala Assembly Elections: केरल में अबतक 50% मतदान, 140 सीट पर चुनाव के लिए वोटिंग जारी
तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा की सभी 140 सीट के लिए मतदान बृहस्पतिवार सुबह सात बजे से मतदान जारी है। मतदाता राज्य के 30,495 मतदान केंद्रों पर सुबह जल्दी पहुंचने लगे ताकि दिन चढ़ने के साथ बढ़ने वाली गर्मी से बचा जा सके। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी डी सतीशन अपनी पत्नी और बेटी के साथ परवूर निर्वाचन क्षेत्र स्थित मतदान केंद्र पर वोट डालने के लिए सुबह जल्दी पहुंचे।
इसी तरह वट्टियूरकावु विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार आर श्रीलेखा और पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस एवं पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने भी सुबह जल्दी पहुंचकर मतदान किया। मतदान कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच जारी है। इसके तहत 76,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई और वेबकास्टिंग प्रणाली का व्यापक पैमाने पर इस्तेमाल करते हुए चुनाव प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है।
राज्य की 140 विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे 883 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करीब 2.71 करोड़ मतदाता करेंगे। निर्वाचन आयोग (ईसी) के आंकड़ों के अनुसार, मतदाताओं में 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 'ट्रांसजेंडर' शामिल हैं। इसके अलावा 2.42 लाख से अधिक प्रवासी मतदाता भी हैं। इस चुनावी प्रक्रिया के लिए निर्वाचन आयोग (ईसी) ने 1.42 लाख प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की है।
केरल में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शुरू
चुनाव आयोग ने राज्य में चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किये हैं और मतदान-केंद्रो पर चुनाव अधिकारी मतदाताओं का स्वागत कर रहे हैं। राज्य के सभी मतदान केन्द्रों में सुबह से मतदाता अपने मताधिकार को इस्तेमाल करने के लिए पहुंचने शुरू हो गये हैं।
आयोग ने इस बार 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं के लिए घर पर मतदान करने की सुविधा प्रदान की है तथा उनके लिए वाहन सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गयी है। राज्य की 126 सीटों के लिए कुल 890 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
राज्य में 30,471 मतदान केंद्र बनाये गये। कुल मतदाताओं की संख्या 2.71 करोड़ हैं, जिनमें 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 उभयलिंगी हैं। केरल में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के बीच हैं हालांकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी यहां जोर आजमाइश कर रही है। सभी उम्मीदवारों के चुनावी किस्मत का फैसला मतदाता आज इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में बंद कर देंगे। मतगणना चार मई को हाेगी और उसी दिन परिणाम आ जायेंगे।
शुरुआती दो घंटे में 16.23 प्रतिशत मतदान
केरल विधानसभा चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को मतदान शुरू होने के बाद शुरुआती दो घंटे में 16 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। निर्वाचन आयोग (ईसी) के अनुसार, सुबह नौ बजे तक 16.23 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसमें एर्नाकुलम जिले में सबसे अधिक 17.8 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। निर्वाचन क्षेत्रवार आंकड़ों के मुताबिक, सुबह नौ बजे तक त्रिपुणितुरा में सर्वाधिक 20.59 प्रतिशत मतदान हुआ।
सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ), मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के शासन और कल्याणकारी मॉडल के दम पर लगातार तीसरी बार सत्ता बरकरार रखने की जुगत में है। वहीं, कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) राज्य में एक दशक से जारी वाम शासन को बेदखल कर सत्ता में वापसी की कोशिश में जुटा है। भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) एलडीएफ और यूडीएफ के वर्चस्व को चुनौती देने और अपने बढ़ते मत प्रतिशत को विधानसभा में निर्णायक उपस्थिति में बदलने का लक्ष्य लेकर मैदान में है।
राज्य की सभी 140 विधानसभा सीट पर बृहस्पतिवार सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ। दिन चढ़ने के साथ लोग सुबह-सुबह ही राज्य के 30,495 मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे। मतदान कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच जारी है। इसके तहत 76,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई और वेबकास्टिंग प्रणाली का व्यापक पैमाने पर इस्तेमाल करते हुए चुनाव प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है।
राज्य की 140 विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे 883 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करीब 2.71 करोड़ मतदाता करेंगे। निर्वाचन आयोग (ईसी) के आंकड़ों के अनुसार, मतदाताओं में 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 'ट्रांसजेंडर' शामिल हैं। इसके अलावा 2.42 लाख से अधिक प्रवासी मतदाता भी हैं। इस चुनावी प्रक्रिया के लिए निर्वाचन आयोग (ईसी) ने 1.42 लाख प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की है।
11 बजे तक 33.28 प्रतिशत मतदान
केरल विधानसभा चुनाव में गुरूवार को मतदान के शुरुआती चार घंटों में 33.28 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। राज्य की सभी 140 सीटों के लिए मतदान गुरुवार सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम छह बजे तक होगा। चुनाव आयोग के अनुसार सुबह 11 बजे तक 33.28 प्रतिशत मतदान हुआ है। मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की लम्बी कतारें लगी हैं। राज्य में शांतिपूर्वक मतदान जारी है और कहीं से अप्रिय घटना की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आयी है। राज्य के एर्नाकुलम जिले में सबसे अधिक 35.86 प्रतिशत और मलाप्पुरम में सबसे कम 32 प्रतिशत मतदान हुआ है।
इसके अलावा अलाप्पुझा में 33.79, इड्डुकी में 32.34, कोट्टयम में 33.01, त्रिसूर में 34.14 और वायनाड में 33.43 प्रतिशत मतदान हुआ। चुनाव आयोग ने राज्य में चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किये हैं। राज्य के सभी मतदान केन्द्रों में सुबह से मतदाता अपने मताधिकार को इस्तेमाल करने के लिए पहुंचने शुरू हो गये हैं और कहीं कहीं मतदाताओं की लम्बी कतारें देखने को मिली है। शुरुआती प्रतिशत में महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और पहली बार मतदान करने वालों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
आयोग ने इस बार 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं के लिए घर पर मतदान करने की सुविधा प्रदान की है तथा उनके लिए वाहन सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गयी है। राज्य की 126 सीटों के लिए कुल 890 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। राज्य में 30,471 मतदान केंद्र बनाये गये। कुल मतदाताओं की संख्या 2.71 करोड़ से अधिक हैं, जिनमें 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 उभयलिंगी हैं। केरल में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के बीच हैं हालांकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी यहां जोर आजमाइश कर रही है। सभी उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत का फैसला मतदाता आज इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में बंद कर देंगे। मतगणना चार मई को होगी और उसी दिन परिणाम आ जायेंगे।
1 बजे तक लगभग 50 % मतदान
केरल विधानसभा चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को मतदान शुरू होने के बाद अपराह्न एक बजे तक लगभग 50 प्रतिशत से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। निर्वाचन आयोग (ईसी) के अनुसार, अपराह्न एक बजे तक 2.71 करोड़ मतदाताओं में से 49.70 प्रतिशत ने मतदान किया जिसमें एर्नाकुलम जिले में सबसे अधिक 52.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। निर्वाचन क्षेत्रवार देखें तो अपराह्न एक बजे त्रिपुणितुरा में सर्वाधिक 58.09 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि पोन्नानी में सबसे कम 44.52 प्रतिशत मतदान हुआ।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, मतदान प्रतिशत लगातार बढ़ता हुआ रुख दिखा रहा है। यह सुबह नौ बजे 16.23 प्रतिशत से बढ़कर 11 बजे 33.28 प्रतिशत और अपराह्न एक बजे तक 49.70 प्रतिशत तक पहुंच गया। यदि यही रफ्तार बरकरार रही, तो आयोग का 90 प्रतिशत से अधिक मतदान का लक्ष्य हासिल होना संभव नजर आ रहा है। सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ), मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के शासन और कल्याणकारी मॉडल के दम पर लगातार तीसरी बार सत्ता बरकरार रखने की जुगत में है।
वहीं, कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) राज्य में एक दशक से जारी वाम शासन को बेदखल कर सत्ता में वापसी की कोशिश में जुटा है। भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) एलडीएफ और यूडीएफ के वर्चस्व को चुनौती देने और अपने बढ़ते मत प्रतिशत को विधानसभा में निर्णायक उपस्थिति में बदलने का लक्ष्य लेकर मैदान में है। राज्य की सभी 140 विधानसभा सीट पर बृहस्पतिवार सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ। दिन चढ़ने के साथ लोग सुबह-सुबह ही राज्य के 30,495 मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे।
मतदान कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच जारी
इसके तहत 76,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई और वेबकास्टिंग प्रणाली का व्यापक पैमाने पर इस्तेमाल करते हुए चुनाव प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है। राज्य की 140 विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे 883 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करीब 2.71 करोड़ मतदाता करेंगे। निर्वाचन आयोग (ईसी) के आंकड़ों के अनुसार, मतदाताओं में 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 'ट्रांसजेंडर' शामिल हैं। इसके अलावा 2.42 लाख से अधिक प्रवासी मतदाता भी हैं। इस चुनावी प्रक्रिया के लिए निर्वाचन आयोग (ईसी) ने 1.42 लाख प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की है।
