BSNL के कार्यक्रम में बोले केशव मौर्य- स्वदेशी तकनीक से संचार क्रांति की ओर अग्रसर भारत

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Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश स्वदेशी तकनीक के माध्यम से संचार क्रांति की ओर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का विज़न है कि देश के हर नागरिक तक आधुनिक और सुलभ संचार सुविधाएं पहुंचें। 

उप मुख्यमंत्री शुक्रवार को लखनऊ स्थित भूतनाथ टेलीफोन एक्सचेंज के सभागार में आयोजित बीएसएनएल अधिकारी संघ की सेंट्रल एक्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में "बीएसएनएल - स्वदेशी तकनीक: अवसर और चुनौतियाँ" विषयक कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

केशव मौर्य ने बताया कि 'मेक इन इंडिया' अभियान के तहत स्वदेशी तकनीक आधारित 4G सेवाओं का शुभारंभ 27 सितम्बर 2023 को उड़ीसा से किया गया, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि आज बीएसएनएल के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल के साथ उनकी पुरानी यादें जुड़ी हैं और सांसद रहते हुए वे दूरसंचार संबंधी समिति से भी जुड़े रहे हैं।

उन्होंने बीएसएनएल की प्रगति के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद केंद्र सरकार ने देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बीएसएनएल के पास मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर है और वह किसी भी दृष्टि से पीछे नहीं है। आवश्यकता है कि समर्पण, नवाचार और प्रभावी रणनीति के साथ कार्य करते हुए इसे देश की अग्रणी दूरसंचार कंपनी बनाया जाए। 

उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बीएसएनएल शीर्ष स्थान प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में बीएसएनएल की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। देश में आज भी बड़ी संख्या में उपभोक्ता बीएसएनएल की सेवाओं पर भरोसा करते हैं। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि स्वदेशी तकनीक को अपनाकर भारत वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और सर्वसुलभ सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। 

बीएसएनएल न केवल विदेशी निर्भरता को कम करेगा, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय उद्योगों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के साथ-साथ डेटा और साइबर सुरक्षा को भी सुदृढ़ करेगा। मौर्य ने यह भी कहा कि स्वदेशी तकनीक को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करना, अनुसंधान एवं विकास में निवेश बढ़ाना तथा नवाचार को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। इन चुनौतियों का समाधान सतत प्रयासों और प्रभावी रणनीति से संभव है। 

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