इस्लामाबाद : ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का पहला राउंड समाप्त, पॉजिटिव रही चर्चा

Amrit Vichar Network
Published By Virendra Pandey
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नई दिल्ली : पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता शनिवार को इस्लामाबाद में शुरू हुई। जो करीब ढाई घंटे चली। उसके बाद पहले राउंड की वार्ता समाप्त हुई। जिसके बाद एक छोटा ब्रेक हुआ है। जल्द ही दूसरे राउंड की वार्ता शुरू होने की बात सामने आ रही है। सूत्रों की मानें तो पहले दौर की बातचीत के परिणाम पॉजिटिव रहे हैं। सूत्रों ने यह भी बताया कि पहले दौर की बातचीत में पाकिस्तान के अधिकारी दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कर रहे थे यानी की पूरी बातचीत पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिये हुई है। बताया जा रहा है कि यदि आगे बातचीत ठीक रहती है तो दोनों देश सीधे वार्ता कर पायेंगे।

एक ईरानी सूत्र ने दावा किया था कि अमेरिका, ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करने पर सहमत हो गया है, यह संपत्तियां कतर और बाकी विदेशी बैंकों में जब्त हैं, लेकिन अमेरिका की तरफ से इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है।

दरअसल, इस वार्ता का उद्देश्य पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए एक स्थायी शांति समझौते पर पहुंचना है। इस युद्ध ने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को पंगु बना दिया है और व्यापक पैमाने पर आर्थिक व्यवधान पैदा किए हैं। इस वार्ता से पहले, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ के नेतृत्व में ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ अलग-अलग बैठकें कीं।

ईरानी मीडिया ने कोई विवरण साझा किए बिना बताया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता इस्लामाबाद में शुरू हुई। वेंस विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर समेत अमेरिका के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस्लामाबाद पहुंचे। वह गालिबफ के नेतृत्व वाले ईरानी प्रतिनिधिमंडल के पाकिस्तान की राजधानी पहुंचने के कुछ घंटे बाद यहां पहुंचे।

ईरानी प्रतिनिधिमंडल में गालिबफ के अलावा विदेश मंत्री अब्बास अराघची, सर्वोच्च राष्ट्रीय रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदीन और ईरानी केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती शामिल हैं। पाकिस्तान की मध्यस्थता में यह शांति वार्ता ईरान और अमेरिका द्वारा दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा किए जाने के चार दिन बाद हो रही है। हालांकि, लेबनान पर इजराइल के बड़े पैमाने पर हमलों में 300 से अधिक लोग मारे गये हैं। तेहरान ने दावा किया कि हमले ने युद्धविराम समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया है, वहीं अमेरिका और इजराइल ने कहा कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं था। इस बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ ने शनिवार को उम्मीद जताई कि यहां होने वाली अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता से पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। 

विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा कि शरीफ ने यह बात उपराष्ट्रपति वेंस के नेतृत्व में आए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान कही। इसमें कहा गया है कि दोनों प्रतिनिधिमंडलों की रचनात्मक रूप से बातचीत करने की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए, प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि ये वार्ता क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में एक कदम साबित होगी। वेंस के नूर खान एयरबेस पहुंचने पर पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इसहाक डार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने उनकी अगवानी की। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के अनुसार, डार ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति का स्वागत करते हुए क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर स्थायी शांति एवं स्थिरता हासिल करने को लेकर अमेरिका की प्रतिबद्धता की सराहना की। 

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