यूपी की बेटी का कमाल : सबसे कम उम्र की हर्षिता बनी वाई कॉम्बिनेटर की जनरल पार्टनर, 16 की उम्र में बनाया था ऐप 

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Published By Anjali Singh
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सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की हर्षिता अरोड़ा ने वैश्विक स्टार्टअप जगत में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए दुनिया की प्रतिष्ठित स्टार्टअप संस्था वाई कॉम्बिनेटर की सबसे कम उम्र की जनरल पार्टनर बनकर नया इतिहास रच दिया है। सहारनपुर के अहमद बाग क्षेत्र की निवासी हर्षिता के पिता योगेंद्र सिंह अरोड़ा व्यवसायी हैं, जबकि माता जसविंदर कौर गृहिणी हैं। परिवार के अनुसार हर्षिता ने पारंपरिक शिक्षा की राह छोड़ते हुए तकनीक के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने का निर्णय लिया था। उन्होंने आठवीं तक पढ़ाई की और बाद में स्वयं तकनीकी कौशल विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया। 

परिजनों ने बताया कि हर्षिता ने कम उम्र में ही सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में रुचि दिखाई। उन्होंने स्वयं बेंगलुरु की एक कंपनी में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद उन्हें अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थानों में भी अवसर मिले। बताया जाता है कि 15 वर्ष की आयु में वह इंटर्नशिप के लिए अमेरिका गईं। इसके बाद उन्होंने क्रिप्टो प्राइस ट्रैकर ऐप विकसित किया, जिसे दुनिया भर में सराहना मिली। 

कुछ ही समय में यह ऐप 40 से अधिक देशों में उपयोग होने लगा। बाद में एक बड़ी मोबाइल कंपनी ने इस ऐप का अधिग्रहण कर लिया। इस उपलब्धि के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला। भारत लौटने पर उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी सम्मानित किया गया। बाद में हर्षिता अमेरिका में बस गईं और अपने सहयोगियों के साथ एक स्टार्टअप की स्थापना की, जिसे वाई कॉम्बिनेटर का समर्थन मिला। 

समय के साथ कंपनी का मूल्यांकन हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हाल के वर्षों में हर्षिता वाई कॉम्बिनेटर में विजिटिंग पार्टनर के रूप में कार्य कर रही थीं। उनके कौशल और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए संस्था ने उन्हें जनरल पार्टनर नियुक्त किया है। अब वह उन लोगों में शामिल हैं जो यह तय करते हैं कि किन स्टार्टअप्स को निवेश और मार्गदर्शन दिया जाएगा। हर्षिता की इस उपलब्धि पर उनके माता-पिता ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी बेटी ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा, मेहनत और दृष्टि के दम पर दुनिया में बड़ी पहचान बनाई जा सकती है। 

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