कानपुर पुलिस ने 130 करोड़ के लेनदेन का किया खुलासा, 2 साइबर ठग गिरफ्तार

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Published By Deepak Mishra
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कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानपुर की साइबर सेल सेंट्रल जोन और स्वरूप नगर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी एवं संगठित वित्तीय अपराध करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, चेकबुक, एटीएम कार्ड सहित बड़ी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं। पु

लिस उपायुक्त सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने सोमवार को यहां पत्रकारों को बताया कि थाना स्वरूप नगर में 12 अप्रैल को बेकनगंज निवासी पीड़ित ओवैस की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी अमान तथा वसीउद्दीन सिद्दीकी उर्फ सरताज ने स्क्रैप व्यापार के नाम पर 20 हजार रुपये का प्रलोभन देकर उनके बैंक खाते की जानकारी हासिल की और उसके बैंकिंग साधनों का दुरुपयोग किया। 

धोखाधड़ी के इस मामले में ओवैस का कहना था कि उसकी पूर्व से संचालित फर्म एवं करंट अकाउंट की डिटेल्स अमान और सरताज ने लाभ का लालच देकर प्राप्त कर लीं और उनका दुरुपयोग कर रहे थे। जब उसे संदेह हुआ, तो बैंक अकाउंट चेक करने पर प्रारंभिक तौर पर लगभग 35 करोड़ के लेन-देन की जानकारी हुई। विस्तृत जांच में पिछले नौ महीनों में करीब 130 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन पाया गया। 

जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया कि आरोपियों ने पीड़ित के अकाउंट को माध्यम बनाकर विभिन्न कंपनियों से धनराशि मंगाई और बाद में उसे अन्य खातों में ट्रांसफर कर नकद निकासी के माध्यम से दुरुपयोग किया। कई मामलों में फर्जी चेक के उपयोग की भी आशंका है, जिसकी जांच की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि धनराशि किन-किन कंपनियों से प्राप्त हुई और आगे किन खातों में ट्रांसफर की गई। 

उन्होने बताया कि दोनों आरोपियों का अब तक कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है। एक आरोपी बीकॉम का छात्र है, जबकि दूसरा स्नातक है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और साइबर टीम ने मुखबिर की सूचना पर डिपकेश्वर धाम, थाना कैंट क्षेत्र से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद अमान (27) निवासी बेकनगंज और मोहम्मद वसीउद्दीन उर्फ सरताज (42) निवासी चमनगंज के रूप में हुई है। 

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, रुपये गिनने की इलेक्ट्रॉनिक मशीन, छह मोबाइल फोन, 28 चेकबुक, 39 हस्ताक्षरित चेक, 19 एटीएम कार्ड, किरायानामा, विक्रय अनुबंध, आधार व पैन कार्ड की प्रतियां तथा अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गरीब और बेरोजगार लोगों को नौकरी या लोन का झांसा देकर उनके दस्तावेज हासिल करते थे। 

इसके बाद उनके नाम पर फर्जी फर्म और बैंक खाते खुलवाकर खातों की चेकबुक, एटीएम कार्ड और लॉगिन विवरण अपने कब्जे में रखते थे। खातों में बड़ी रकम मंगवाकर नकद निकासी कर आपस में बांट लेते थे। पुलिस के अनुसार बरामद धनराशि के साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी से जुड़े होने की आशंका है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है तथा तकनीकी और वित्तीय जांच की जा रही है। 

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