Bareilly: समाज में दहशत फैला रहे 25 पेशेवर अपराधी हिस्ट्रीशीटर घोषित

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। जमीनों पर अवैध कब्जे, रंगदारी, बलवा, हमला, चोरी-लूट जैसे गुनाह कर समाज में दहशत फैला रहे अपराधियों पर एसएसपी अनुराग आर्या का फिर कानूनी चाबुक चला है। लंबा क्रिमिनल रिकार्ड रखने वाला समाजवादी पार्टी का पूर्व पार्षद अकील गुड्डू, माफिया अतीक-अशरफ की बरेली में जड़ें जमाने वाले मोहम्मद फरहद खां उर्फ गुड्डू और जिला बदर चल रहे सुमित सक्सेना सहित 25 दागियों की हिस्ट्रीशीट खोलकर निगरानी सूची में शामिल कर दिया गया है। एचएस खुलने के बाद ये भी दागी चेहरे न सिर्फ थानों में समय-समय पर परेड करते नजर आएंगे, बल्कि खास कोड से पहचाने के साथ दाएं-बाएं भी पुलिस व इंटेलीजेंस की निगाहों में रहेंगे।

लंबी-चौड़ी क्रिमिनल हिस्ट्री को ध्यान में रखकर हिस्ट्रीशीटर घोषित किए गए इन चेहरों को लेकर विभिन्न थानों क्षेत्रों से अप्रिय और अफसरों को असहज करने वाली खबरें सुनाई देती रही हैं। पुलिस के अनुसार, थाना इज्जतनगर क्षेत्र में फरीदापुर चौधरी निवासी पूर्व सपा पार्षद हाजी गुड्डू पेशेवर अपराधी हैं और उसके खिलाफ 11 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज चल रहे हैं। कई बार वह इलाके में अराजकता के हालात पैदा कर चुका है। लोगों पर हमले और रंगदारी वसूलने को लेकर उसकी एचएस खुली है।

इसी तरह से परतापुर जीवन सहाय निवासी मोहम्मद फरहद उर्फ गुड्डू का भी समाज में खौफ देखा जाता है। उसके खिलाफ बरेली से गाजियाबाद तक बलवा, हमला, मारपीट, रंगदारी के कई केस दर्ज हैं। इतना ही नहीं, प्रयागराज के माफिया अतीक अहमद का भाई पूर्व विधायक अशरफ जब सेंट्रल जेल बरेली में बंद था, तो फरहद गुड्डू जेल में जाकर उससे मुलाकातें करता था। शहर के खतरनाक अपराधी लल्ला गद्दी के साथ मिलकर माफिया अतीक गिरोह की बरेली में जड़े जमाने का काम भी फरहद ने किया था। हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद फरहद पुलिस की कड़ी निगरानी में रहेगा।

ऐसे ही जमीनों पर कब्जेदारी को लेकर चर्चाओं में रहे वीर सावरकर निवासी सुमित सक्सेना के खिलाफ इज्जतनगर, कोतवाली, बारादरी और प्रेमनगर थानों में हत्या के प्रयास, जालसाजी-धोखाधड़ी, शस्त्र अधिनियम जैसे 11 केस दर्ज हैं। अपराधिक गतिविधियों को देखते हुए पुलिस की रिपोर्ट पर बरेली प्रशासन ने उसके खिलाफ पूर्व जिला बदर की कार्रवाई की थी, इसके बाद भी शहर में सक्रिय बताया जाता था। थाना इज्जतनगर पुलिस की रिपोर्ट पर अब सुमित सक्सेना को भी हिस्ट्रीशीटर घोषित किया गया है। एचएस सूची में शामिल किए गए बाकी अपराधियों का भी पुलिस रिकार्ड में एक से बढ़कर आपराधिक इतिहास नजर आता है।

अपराधियों पर दर्ज मामले
कैंट निवासी दानिश उर्फ आफताब पर जिले के अलग अलग थानों में रेप, बलवा गैंगस्टर, शस्त्र अधिनियम आदि धाराओं में 16 मामले रजिस्टर हैं, जिसमें सबसे ज्यादा मामले चोरी के केस हैं।

कैंट के रहने वाले जावेद पर जिले के अलग अलग थानों में गंभीर धाराओं में छह मुकदमे पंजीकृत हैं। इसमें हत्या का अपराध भी शामिल है।

सुभाषनगर के रहने वाले रोहित उर्फ कल्लू पर अलग अलग थानों में तीन मामले दर्ज हैं, वह ड्रग्स की तस्करी में भी लिप्त रहा है।

सुभाषनगर के रहने वाले रवि उर्फ रवि राणा पर जिले के अलग-अलग थानों में सात मामले दर्ज हैं और तरह-तरह से वारदातें कर समाज में भय फैलाता रहा है।

थाना सुभाषनगर क्षेत्र के गांव रोंधी निवासी पेशेवर अपराधी गुड्डू उर्फ मसरूर के खिलाफ थाना सुभाषनगर और कोतवाली में लूट, बलवा जैसे कई केस दर्ज हैं।

गणेशनगर निवासी अपराधी गौरव के खिलाफ सुभाषनगर में चार और बारादरी में आपराधिक मामला दर्ज है। चोरी और लूट की वारदातें कर वह पुलिस के लिए चुनौती पेश करता रहा है।

सुभाषनगर के मूल निवासी और वर्तमान में संजयनगर में रह रहे संगम गुप्ता पर लूट समेत अन्य धाराओं में सात मामले लिखे जा चुके हैं। वह समाज में आतंक फैलाता रहा है।

तिलक कालोनी निवासी आकाश गूर्जर पर बरेली से बदायूं तक लूट, आपराधिक षडयंत्र, बलवा, बिजली चोरी, आबकारी अधिनियम, मारपीट जैसे आठ मामले लिखे जा चुके हैं।

नेकपुर के रहने वाले विक्की के खिलाफ थाना सुभाषनगर, सीबीगंज, जीआरपी, कोतवाली में चोरी और लूट जैसे 15 मामले पंजीकृत है, मादक पदार्थ की तस्करी के भी मामले हैं।

थाना इज्जतनगर क्षेत्र में मठ लक्ष्मीपुर के रहने वाले कुख्यात अपराधी शिवम उर्फ गोलू के खिलाफ लूट, डकैती, चोरी, गैंगस्टर, तोड़फोड़, हमला जैसे 31 संगीन अपराधिक केस दर्ज हो चुके हैं, कई इलाकों में वह दहशत फैलाता रहा है।

करेली गांव के रहने वाले अपराधी सुभाषनगर के उस्मान उर्फ पाशा पर 9 मामले दर्ज है, लोगों पर हमले और हत्या के प्रयास की घटनाएं कर सह समाज में भय का वातावरण बनता रहा है।

शांति बिहार कालोनी निवासी अजय उर्फ गुल्ला पर सुभाषनगर थाने में ही 12 मुकदमे दर्ज हैं, वह गैंगस्टर भी रहा है और मारपीट-हत्या कोशिश जैसी कई घटनाओं में शामिल रहा है।

बड़ी बिहार निवासी सचिन कुमार के खिलाफ भोजीपुरा, इज्जतनगर, प्रेमनगर थाने में नकबजनी और चोरी समेत आबकारी अधिनियम के समेत 22 मामले दर्ज है। उस पर गैंगस्टर एक्ट भी लग चुका है। 
बड़ी बिहार के ही रहने वाले राहुल मौर्य पर बरेली से लेकर आगरा तक 11 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लगातार पुलिस के सामने चुनौती पेश करता रहा है।

मठ लक्षमीपुर निवासी विकास कश्यप उर्फ भल्ला हत्या और अपराधिक षडयंत्र के मुकदमे में शामिल रहा है और थाना इज्जतनगर पुलिस पूर्व में उस पर गैंगस्टर लगा चुकी है।

फरीदापुर चौधरी के रहने वाले सलमान पर अपहरण, बलात्कार, बलवा, आईटी एक्ट जैसे 5 गंभीर अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, कई बार वह पुलिस के सामने टेंशन पैदा कर चुका है।

आंवला के मोहल्ला नई बस्ती बजरिया का रहने वाला राशिद सैफी उर्फ राजू लोहार जुआ किंग है, वह जुआघर चलवाने के मामले में उसके खिलाफ कई बार कार्रवाई की जा चुकी है।

आंवला के मोहल्ला कुरैशियान निवासी फारुख कुरैशी कुख्यात पशु तस्कर हैं, उसके खिलाफ पशु क्रूरता जैसे 6 मुकदमे दर्ज हैं।

थाना आंवला क्षेत्र के गांव मऊ चंद्रपुर निवासी इस्लाम इस्लाम अली पर ड्रग तस्करी में लिप्त रहा है, मादक पदार्थों की तस्कर कर वह समाज की नशों में जहर घोलता है।

आंवला कस्बे के मोहल्ला निवासी रईस उर्फ सोना क्षेत्र में जुए की गतिविधियों में लिप्त रहा है, उसके खिलाफ अकेलेा आंवला थाने में ही 9 मामले दर्ज चल रहे हैं, गुंडा एक्ट भी लग चुकी है।

आंवला के मोहल्ला सैय्यादान निवासी मुशर्रफ के खिलाफ जुआ अधिनियम जैसे कई केस दर्ज हो चुके हैं, वह गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त रहकर समाज को भयभीत करता है।

रिछोला किफायतुल्ला निवासी बबलू उर्फ बौरा के खिलाफ नवाबगंज और देवरनियां में रेप, चोरी, मारपीट, शराब तस्करी जैसे 9 मुकदमे पंजीकृत हो चुके हैं और समाज में उसका खौफ देखा जाता है। 

हिस्ट्रीशीट खोले जाने के बाद पुलिस इन सभी अपराधियों पर पैनी नजर रखेगी, ताकि वे अपराधिक गतिविधियों को अंजाम न दे सकें।

350 हिस्ट्रीशीटर, 85 गैंग, 140 मुठभेड़
बरेली। तेजतर्रार आईपीएस अनुराग आर्या ने जब से बरेली में पुलिस प्रमुख की कुर्सी संभाली है, अपराधियों पर लगातार कड़क एक्शन होता देखा जा रहा है। कुछ ही महीनों में जिले के अंदर रिकॉर्ड 140 एनकाउंटर हो चुके हैं, जिनमें दो अपराधी जान से गए तो 185 पैरों में गोली खाकर सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। अपराधी गिरोहों की घेराबंदी एवं मुठभेड़ में 75 पुलिसकर्मी घायल जरूर हुए हैं लेकिन पुलिस कप्तान का अभियान लगातार तेजी से चलता नजर आ रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्या के अपराधियों के खिलाफ आक्रामक तेवर की गवाही अभी तक खोली जा चुकी 350 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट ही देखने को काफी हैं। इतना ही नहीं, 110 अपराधियों को जिंदा या मुर्दा पकड़े जाने पर बरेली पुलिस के स्तर से इनाम भी घोषित किया जा चुका है। एसएसपी के निर्देश पर जिले में अपराधियों के 85 गिरोह पंजीकृत किए जा चुके हैं, जिसमें शामिल 450 अपराधियों को बेनकाब करने का काम भी पुलिस किया है।

 

 

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