‘निपुण शिक्षक सारथी’ मॉडल से चमकेंगे नौनिहाल... कक्षा-2 के विद्यार्थियों की भाषा और गणितीय दक्षताओं पर विशेष फोकस

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: बेसिक शिक्षा को परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। ‘निपुण भारत मिशन’ के तहत अब ‘निपुण शिक्षक सारथी’ कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसके जरिए शिक्षकों को तकनीक से सशक्त कर कक्षा में सीखने के स्तर को बेहतर बनाने की पहल की गई है। कार्यक्रम का विशेष फोकस कक्षा-2 के विद्यार्थियों की भाषा और गणितीय दक्षताओं को मजबूत करने पर है। शुरुआती कक्षाओं में मजबूत नींव तैयार करने से आगे की पढ़ाई में सुधार सुनिश्चित करने की रणनीति अपनाई गई है।

इस पायलट मॉडल को चित्रकूट, सोनभद्र, बलरामपुर, गोरखपुर और सीतापुर में लागू किया गया है। इनमें आकांक्षी जिलों और विकासखंडों को प्राथमिकता दी गई है, जहां शिक्षा के स्तर में सुधार की अधिक जरूरत महसूस की गई थी। इस कार्यक्रम के तहत 15 राज्य स्तरीय संदर्भ समूह (एसआरजी) को विशेष प्रशिक्षण देकर तैयार किया गया है। ये प्रशिक्षित एसआरजी तकनीक के माध्यम से शिक्षकों से निरंतर जुड़े रहेंगे और उन्हें शैक्षणिक मार्गदर्शन देंगे। इससे शिक्षक पारंपरिक भूमिका से आगे बढ़कर ‘लर्निंग फैसिलिटेटर’ के रूप में कार्य करेंगे।

नई व्यवस्था में संवाद प्रणाली को भी मजबूत किया गया है। पहले जहां शिक्षकों का टेक्निकल टीम से संपर्क सीमित था, अब 18-20 बार नियमित शैक्षणिक संवाद सुनिश्चित किया जाएगा। इससे शिक्षकों को जरूरत के अनुसार त्वरित समाधान और मार्गदर्शन मिल सकेगा। तकनीक आधारित इस मॉडल से फील्ड विजिट पर निर्भरता कम होगी, जिससे समय और लागत दोनों में कमी आएगी। साथ ही दूरदराज क्षेत्रों के शिक्षकों तक भी निरंतर सहयोग पहुंचाया जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से न केवल शिक्षण पद्धति में सुधार होगा, बल्कि कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों को प्राथमिकता देकर शिक्षा की गुणवत्ता में संतुलित सुधार लाने में भी मदद मिलेगी।

समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका- संदीप सिंह

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि ‘निपुण शिक्षक सारथी’ कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूर्ण करने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे तकनीक-सक्षम मार्गदर्शक के रूप में विद्यार्थियों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि योगी सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इस दिशा में यह कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होगा।

कक्षा 2 पर खास फोकस क्यों

कार्यक्रम में कक्षा 2 के छात्रों की बुनियादी साक्षरता और गणितीय दक्षता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रारंभिक स्तर पर मजबूत नींव बनने से आगे की शिक्षा आसान होती है। इससे छात्रों के सीखने के परिणाम बेहतर होंगे और ड्रॉपआउट की समस्या भी कम होने की संभावना है।

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