बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी से संबद्ध महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक संपन्न, बोले राज्यपाल- शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करें
महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं का हो नियमित हीमोग्लोबिन परीक्षण
लखनऊ, अमृत विचार : राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों, जर्जर भवनों एवं कम नामांकन जैसी समस्याओं पर चिंता व्यक्त करते हुए शीघ्र नियुक्ति करने के निर्देश दिए। साथ ही, आवश्यकतानुसार आउटसोर्सिंग अथवा महाविद्यालय स्तर से पदों की रिक्तियों को न्यून करने के भी निर्देश दिये। शैक्षणिक वातावरण सुदृढ़ करने के लिए उन्होंने प्राचार्यों एवं शिक्षकों को महाविद्यालय परिसर में निवास करने की भी अपेक्षा व्यक्त की है।
राज्यपाल गुरुवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी से संबद्ध शासकीय एवं वित्त पोषित महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक कर रही थीं। जनभवन में हुई बैठक में कुल 24 राजकीय महाविद्यालयों एवं 13 अनुदानित महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने प्रतिभाग किया। इनमें बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट, जालौन, झांसी, ललितपुर एवं महोबा के शासकीय एवं वित्तपोषित महाविद्यालय सम्मिलित रहे। इस दौरान आनन्दीबेन पटेल ने निकटवर्ती निजी महाविद्यालयों एवं डीम्ड विश्वविद्यालयों से समन्वय स्थापित कर संसाधनों का बेहतर उपयोग करने का सुझाव दिया।
छात्राओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए उन्होंने महाविद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं के नियमित हीमोग्लोबिन परीक्षण एवं वजन मापन कराने तथा कमजोर स्वास्थ्य वाली छात्राओं के लिए विशेष प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने महाविद्यालयों में ‘गर्भ संस्कार‘ जैसे विषयों पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
राज्यपाल ने ऑनलाइन शिक्षण, शोध गतिविधियों, पुस्तक लेखन एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा दीक्षांत समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों एवं कार्मिकों को सम्मानित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव स्तर डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के कुलपति, प्रो. मुकेश पांडेय, शासकीय एवं वित्तपोषित महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
