Bareilly : ट्रेनों में अवैध वेंडरों की घुसपैठ, फिर पकड़ा पानी का खेल
रेल नीर की जगह बेचा जा रहीं थीं दूसरे ब्रांड बोतलें, डीआरएम इज्जतनगर ने शुरू कराई धरपकड़
बरेली, अमृत विचार। ट्रेनों में अवैध वेंडर की घुसपैठ और अनअप्रूव्ड पानी की बिक्री का खेल लाख सख्ती के बाद भी रुकता नजर नहीं आ रहा। पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल की रेल प्रबंधक के निर्देश पर छेड़े गए चेकिंग अभियान में अवैध वेंडर के पास से पानी का दूसरे ब्रांड की बोतलें बरामद हुईं हैं।
डीआरएम इज्ज्जतनगर वीणा सिन्हा ने बताया कि चेकिंग मुहिम में रेलवे टीम ने अवैध वेंडर को पकड़ा, जो रेल नीर की जगह ऐलविश ब्रांड का पानी बेच रहा था। आरपीएफ ने वैंडर को हिरासत में लेकर उसके पास से भारी मात्रा में पानी की बोतलें जब्त कर ली हैं। ड्रम भी बरामद हुआ। गाड़ी संख्या 15084 में जांच के दौरान यह कार्रवाई की गई। 14 रुपये की बोतल वाली 20 रुपये में बेचकर मुनाफे का गलत खेल चल रहा था। जब्त बोतलों को को आगे की कार्रवाई के लिए वाणिज्य अधीक्षक, कन्नौज को मामला सौंप दिया गया। इसके अलावा काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर गाड़ी संख्या 15044 के एम-1 कोच से आईआरसीटीसी स्टाफ की तरफ से बिक्री के लिए रखी गई 25 पेटी अनअप्रूव्ड पानी की बोतलें भी जब्त की गईं हैं।
अनधिकृत वेंडरों पर कार्रवाई जारी
बरेली सिटी रेलवे स्टेशन पर गाड़ी संख्या 12036 के कोच डी-5 में एक अनधिकृत वेंडर को पकड़ा गया। जिसे रेलवे सुरक्षा बल के हवाले कर धारा-144 के तहत कार्रवाई की गई। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों को सुरक्षित और स्वच्छ खानपान उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है। इस उद्देश्य से विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि रेल यात्रियों को शुद्ध पेयजल और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
आईआरसीटीसी ने रेल नीर समेत 13 ब्रांडों को दी है मंजूर
इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने अनधिकृत पानी की बिक्री रोकने और यात्रियों को सही ब्रांड का पानी उपलब्ध कराने के लिए अप्रैल 2014 में रेलवे ने रेल नीर के साथ कई अन्य ब्रांडो को मंजूरी दी थी। वेंडर रेल नीर न होने की दशा में 13 ब्रांड का पानी रेलवे स्टेशन और ट्रेन में सप्लाई कर सकते हैं। अधिक बचत के चक्कर में रेल नीर की जगह दूसरे ब्रांड का पानी बेचने का खेल चल रहा है। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में पानी के प्रति बोतल 14 रुपये की जगह खुलेआम 20 रुपये में बेचा जाता है। रेलवे की सख्ती के बाद भी यह गोरखधंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा।
