दस केस बेअसर, एक झगड़े में जेल गया बाबा पठान... बाराबंकी आकर खूब पनपा अबू बकर, बनाई अकूत संपत्ति

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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बाराबंकी, अमृत विचार। आजमगढ़ के मूल निवासी अबू बकर उर्फ बाबा पठान पर सफेदपोशों व अफसरशाही का इस कदर हाथ रहा कि दस गंभीर प्रवृत्ति के दर्ज मुकदमों के होते हुए तो वह पकड़ा नहीं गया लेकिन महज वाद विवाद व अभद्रता का मामला न सिर्फ रातोंरात दर्ज हुआ बल्कि चंद घंटों में पुलिस ने उसे ढूंढ निकाला और जेल भी भेज दिया। आजमगढ़ जिले में कौड़िया फूलपुर गांव के रहने वाले बाबा पठान का नाम ही जमीन पर अवैध कब्जों से चर्चा में आया। वर्ष 2015 में इसी के जिले में पहला मुकदमा लिखा गया।

इसके बाद बाबा पठान ने आजमगढ़ को अलविदा कहा और बाराबंकी आकर रहने लगा। यहां पर साठ गांठ, मिलीभगत और जुगाड़ का ऐसा माहौल मिला कि उसने पलट कर नहीं देखा। हैरत की बात यह कि उसके खिलाफ शहर कोतवाली में दर्ज सभी दस मुकदमे जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतों के ही हैं। सफेदाबाद खासकर भुहेरा को उसने कर्मस्थली बना ली और जमीनों में हेरा फेरी, भू स्वामियों को डराने धमकाने और धाेखाधड़ी के काम शुरु कर दिये, यही नहीं यहां पर कब्जाई जमीनों पर एचएम ग्रीन सिटी के नाम से कारोबार भी शुरु कर दिया और अकूत संपत्ति अर्जित की।

जमीन कब्जे को लेकर एक के बाद एक लोगों ने हिम्मत जुटाते हुए पुलिस तक शिकायतें पहुंचाई, एक के बाद एक बाबा पठान के खिलाफ एक ही कोतवाली में दस मामले दर्ज हो गए लेकिन बार बार सवाल उठन के बावजूद उसकी गर्दन तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंचे, जिससे संकेत मिला कि उसने कई सफेदपोशों व अफसरों को भी हिस्सेदार बना रखा है। हैरत तो तब हुई जब सफेदाबाद स्थित मन्नत अपार्टमेंट में निकुंज मोदी के परिवार से बर्थ डे पार्टी के दौरान वाद विवाद, अभद्रता, धमकाने के मामले में पुलिस ने बिजली सी तेजी दिखाई, रातोंरात मुकदमा दर्ज कर बाबा पठान को उठा भी लिया। पीड़ित ही नहीं बल्कि बाबा पठान के परिचित भी पुलिस की इस तेजी से हैरान हैं। 

जमीन कारोबार पर हावी पूर्वांचल

बाराबंकी में बीते डेढ़ दशक के भीतर जमीन के कारोबार ने यूं उछाल मारी कि हर कोई इस धंधे में किस्मत आजमाने लगा। बड़ी जमीनों की खरीद फरोख्त व प्रापर्टी डीलिंग ने इस कारोबार में चार चांद लगा दिए। इसी बीच पूर्वांचल के कारोबारियों ने एंट्री मारी, जिनमें धोखाधड़ी में माहिर व दबंग चेहरे भी शामिल रहे। इनका मकसद केवल विवादित, जुगाड़ वाली व सस्ती जमीन हथियाना व कारोबार चमकाना रहा।

पूर्वांचल में रहकर भी बाराबंकी के लोगों को मुनाफे की चाशनी में डुबोकर यह लोग गोरखधंधा करते रहे। सबसे बड़ा सहयोग तहसील क्षेत्र के राजस्व महकमे से जुड़े कर्मियों का रहा, जो इन्हे राह दिखाते रहे। तमाम ने सीधा रास्ता अपनाया तो कुछ बेमेल रास्ते से इस कारोबार में कूद पड़े। बाबा पठान ऐसे ही नामों में एक है।   

अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि एक दिन पूर्व दर्ज मामले में बाबा पठान को पकड़कर जेल भेजा गया है। अन्य मामलों में राजस्व विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। उसी आधार पर पुलिस भी आगे कार्रवाई करेगी।

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