यूपी में 40.32 लाख महिलाएं ले रहीं विधवा पेंशन, दस साल में हो गई दोगुनी संख्या 

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : पति के निधन के बाद घर चलाना बड़ा मुश्किल होता है। बच्चों की परवरिश और आम खर्चे के संकट सामने होते हैं। ऐसा वक्त, महिलाओं के लिए बड़ा चुनौतीपूर्ण होता है। उत्तर प्रदेश में अभी 40.32 लाख से महिलाएं विधवा पेंशन ले रही हैं। पिछले 10 सालों में ये संख्या दोगुनी हुई है। इसलिए भी क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पात्र महिलाओं को पेंशन स्कीम से जोड़ने की मुहिम छेड़ रखी है। 

निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं का छोटा ही सही लेकिन बड़ा सहारा साबित हो रही है। हर साल, चार किस्तों में सहायता राशि दी जाती है। अप्रैल-जून, जुलाई-सितंबर, अक्टूबर-दिसंबर और जनवरी-मार्च—इन चार चरणों में भुगतान सुनिश्चित किया जाता है। वर्ष 2021 में सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए पेंशन राशि को 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया था। यह धनराशि सीधे आधार लिंक बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2016-17 से पहले जहां लगभग 17.31 लाख महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 40 लाख से अधिक हो गई है। यह वृद्धि दर्शाती है कि सरकार अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। 

पात्रता की बात करें तो योजना का लाभ केवल उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी उन महिलाओं को मिलता है, जिनके पति का निधन हो चुका है, जिनकी आयु 18 वर्ष से अधिक है और परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम है। 

महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक डॉ. वंदना वर्मा ने बताया कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र महिला योजना से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सम्मानपूर्वक जीवन जीने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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