Bareilly: लाखों की ठगी में पकड़ी गईं फर्जी एसडीएम डॉ. विप्रा शर्मा-शिखा
बरेली, अमृत विचार। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से लाखों की ठगी और फर्जी निुयक्ति पत्र देने के मामले में थाना बारादरी पुलिस ने फर्जी एडीएम डॉ. विप्रा शर्मा को हिरासत में ले लिया है। उनके खिलाफ एक दिन पहले पीड़ितों की ओर से गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। हनक दिखाने को वे कार पर एडीएम एफआर लिखाकर चलती थीं। कई लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र देने का भी आरोप है। पूछताछ में और राज खुलने की संभावना है।
पुलिस के अनुसार, बारादरी क्षेत्र की रहने वाली पीड़ित प्रीति लायल ने नौकरी के नाम पर ठगी के मामले में शिकायत की थी। प्रीती ने थाने में दर्ज कराई एफआईआर में कहा था कि करीब तीन साल पहले उनकी मुलाकात ग्रीन पार्क निवासी शिखा पाठक से हुई थी। शिखा ने तब कहा था उनकी बहन डॉ. विप्रा शर्मा गजरौला में एसडीएम पद पर तैनात हैं। उसने कहा ये भी कहा था कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से कंप्यूटर ऑपरेटर की भर्तियां निकली हैं और वह पैसे लेकर नियुक्ति सुनिश्चित करवा सकती है। उसकी बातों में आकर प्रीति लाॅयल ने अपने मिलने वाले चार लोगों के साथ आरोपी युवती को नौकरी के लिए 5.21 लाख रुपये दिए थे।
इसके कुछ समय बाद आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर डाक, व्हाट्सएप और ईमेल के जरिए भेज दिए। दस्तावेजों पर उच्च अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर भी किए गए थे। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने रविवार की देर रात आरोपी डॉ. विप्रा शर्मा और शिखा शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सोमवार शाम आरोपी डॉ. विप्रा शर्मा और शिखा शर्मा सहित तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। इंस्पेक्टर बारादरी ब्रिजेंद्र सिंह ने आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जांच में कई राज सामने आ सकते हैं।
