UP Vehicle Fitness:अब स्थानीय स्तर पर बनेगा वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र, परिवहन मंत्री ने दी नई गाइडलाइन को मंजूरी

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश के वाहन स्वामियों को बड़ी राहत देते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत जिन जिलों में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) स्थापित नहीं हैं या निर्माणाधीन हैं, वहां अब वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र संबंधित जिले में परिवहन विभाग के अधिकारी जारी कर सकेंगे।

परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के अनुरोध पर यह निर्णय लिया गया है। परिवहन मंत्री ने बताया कि अब तक ऐसे जिलों के वाहन स्वामियों को फिटनेस जांच के लिए दूसरे जिलों में स्थित एटीएस पर जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती थी। नई व्यवस्था लागू होने से वाहन स्वामी अपने ही जनपद में यह सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। 

उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 26 जिलों में 31 एटीएस संचालित हैं, जहां वाहनों की फिटनेस जांच की जा रही है। वहीं, 17 नवंबर 2025 से जिन जिलों में एटीएस की स्थापना प्रक्रिया में है, वहां के वाहनों की जांच नजदीकी जिलों में की जा रही थी। अब नई गाइडलाइन लागू होने से इस असुविधा से राहत मिलेगी।

दयाशंकर सिंह के अनुसार, प्रदेश के 40 जिलों में एटीएस के निर्माण का कार्य प्रगति पर है और इनके शीघ्र पूर्ण होने के लिए समयसीमा तय की गई है। एटीएस शुरू होते ही संबंधित जिलों में मोर्थ की गाइडलाइन के अनुसार व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।

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